मंत्री के पीआरओ को टेंडर देने की बात गलत: मुख्य सचिव

ज्ञात हो कि अहलूवालिया ने दो दिन तक बुंदेलखंड इलाके का निरीक्षण किया। दो दिन के झांसी दौरे में उनके साथ राज्य के मुख्य सचिव अनूप मिश्रा भी थे। जब अहलूवालिया ने कार्य के आवंटन में गड़बड़ी की आशंका जतायी तो मुख्य सचिव ने जांच की बात कही। अनूप मिश्रा ने कहा कि मंत्री के पीआरओ को टेंडर दिए जाने की खबर गलत।
अहलूवालिया ने बुंदेलखण्ड में मामले में कहा कि टेण्डर के आवंटन में गड़बड़ी हुई है कार्य भी ठीक ढंग से नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में कार्य 20-25 प्रतिशत ही हुआ है। उनका कहना है कि बुंदेलखण्ड में दिए गए कार्यों में अधिकांश कार्य सरकार के करीबी लोगों को दिए जा रहे हैं। ठेके पाने वालों में प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री का पीआरओ भी है। इस सच के उजागर होने के बाद प्रदेश में हलचल मच गयी। सूत्रों का कहना है कि मुख्य सचिव ने जांच की बात कही है तथा यह आश्वासन दिया कि यदि कोई गड़बड़ी होगी तो कार्यवाही की जाएगी।
इन बातों के विपरीत मुख्य सचिव ने स्वीकार किया कि योजनाओं में 76 प्रतिशत काम के लिये मिली राशि में से अब तक 25 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ने बुंदेलखंड पैकेज के तहत 1596 करोड़ रूपये जारी किये हैं। उन्होंनें कहा कि कुछ जगहों पर काम में अनियमितता भी पायी गयी है जिसकी जांच के आदेश दिये गये हैं।
अनूप मिश्रा ने कहा कि श्री मोंटेक ङ्क्षसह अहलूवालिया के नेतृत्व में सलाहकार समिति की हुई बैठक में राज्य सरकार की ओर से बुंदेलखंड इलाके में पेयजल और सिंचाई पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। मिश्रा ने कहा कि समिति के सदस्यों ने केन और बेतवा नदी को एक दूसरे से जोडऩे की भी मांग की ताकि सिंचाई में सुविधा हो। बुंदेलखंड में हो रहे काम से अहलूवालिया के नाराज होने तथा काम में गड़बड़ी की मीडिया में आ रही खबरों को उन्होंने गलत बताया और कहा कि इस साल हुई भारी बरसात से कुछ खोदे हुये कुयें धंस गये। श्री मिश्रा ने कहा कि योजना आयोग के उपाध्यक्ष ने पांच सौ की आबादी वाले गांव को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में शामिल करने का आग्रह किया है।












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