अमेरिका को भारत के परमाणु विस्फोट की भनक तक न लगी

अमेरिकी खुफिया समुदाय को कहीं से भी इस बात का गुमान नहीं था कि परमाणु परीक्षण की तैयारियां चल रही हैं। राष्टीय सुरक्षा अभिलेखागार और परमाणु अप्रसार अंतरराष्टीय इतिहास परियोजना द्वारा हाल में सार्वजनिक किये गये खुफिया समुदाय कार्यालय के दस्तावेजों के अनुसार निक्सन प्रशासन के नीति निर्माताओं ने भारत के परमाणु कार्यक्रम को अपनी प्राथमिकता में काफी नीचे रखा था। इस बात का निर्धारण करने में उसे कोई जल्दबाजी नहीं थी कि नयी दिल्ली परमाणु हथियार का परीक्षण कर सकता है।
जब अमेरिका को भारत के इस परमाणु विस्फोट के बारे में पता चला तो उसने भारत पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे। जिसके बाद भारत को यूरेनियम की सप्लाई बंद कर दिए गए। जिसके बाद हाल ही में 2008 में भारत ने अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जिसमें भारत परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल असैन्य प्रयोगों के लिए ही कर सकता है।












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