मुश्‍िकल में माया, विस चुनाव से पहले एक और मंत्री का इस्‍तीफा

Mayawati sacks another minister
लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में चुनाव के पहले ही एक और मंत्री को इस्तीफा देना पड़ गया। डॉ. अंबेडकर ग्रामीण समग्र विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रतनलाल अहिरवार ने लोकायुक्त की सिफारिश के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया। अहिरवार पर आय से अधिक संपत्ति जुटाने, दंबगई करके धमकाने, विधायक पद का दुरुपयोग करने के आरोप थे। लोकायुक्त ने इन सभी आरोपों को जांच के बाद सही पाया। मालूम हो कि राज्‍य में अबतक लगभग दजर्नो मंत्रियों को भ्रष्‍टाचार के आरोप के बाद अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है।

उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव सिर पर है। ऐसे में भ्रष्‍टाचार के आरोप में एक के बाद एक मंत्रियों का इस्‍तीफा सत्‍ताधारी बीएसपी सरकार के लिये मुसिबत बन सकता है। मुख्‍यमंत्री मायावती ने भले ही अहिरवार का अस्‍तीफा ले लिया हो मगर चुनाव आते ही इस तरह की सरगर्मी से विपक्षी दलों ने भौहें सिकोड़ ली हैं। आखिर क्या वजह रही जो लगातार लग रहे आरोपों के बाद भी मंत्री साढ़े चार साल तक अपने पद का मजा लूटते रहे। राजनीतिक गलियारों में इसे देर से की गई कार्रवाई ही कहा जा रहा है।

मालूम हो कि सोमवार को ही विपक्ष और लोकायुक्‍त ने मुख्यमंत्री को रिपोर्ट भेज दी थी और अहिरवार को तत्काल मंत्री पद से हटा देने की सिफारिश की थी। कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र मदान ने आरोप लगाया था कि लोकायुक्त की जांच में दोषी सिद्ध होने के बावजूद मुख्यमंत्री मायावती अम्बेडकर ग्राम विकास राज्य मंत्री रतन लाल अहिरवार को बचाने में जुटी है। नैतिकता का तकाजा तो यह है कि भ्रष्टाचारियों से भरे मंत्रिपरिषद की जिम्मेदारी लेते हुए खुद मुख्यमंत्री को अविलम्ब इस्तीफा दे देना चाहिए।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+