तीन साल नौ आतंकवादी घटनायें, जांच में कोई सफलता नहीं
नयी
दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय के पास हुए बम धमाकों सहित विस्फोट और आतंकवादी घटनाओं के नौ मामलों की जांच में अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पायी है। गृह राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बताया कि ये सभी नौ मामले पिछले तीन साल में हुए थे। दिल्ली के महरौली क्षेत्र में 27 सितंबर 2008 और 29 मार्च 2009 को विस्फोट की दो घटनाएं हुई थीं और जामा मस्जिद में 19 सितंबर को विस्फोट हुआ था। id="toptextpromo">उन्होंने
बताया कि दिल्ली पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है। दिल्ली उच्च न्यायालय में 25 मई 2011 और सात सितंबर 2011 को हुए धमाकों की जांच में भी कोई सफलता नहीं मिली है। इन मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी कर रही है। उन्होंने बताया कि बेंगलूर के चिन्नास्वामी स्टेडियम में 17 अप्रैल 2010 को हुए धमाकों की जांच बेंगलूर पुलिस कर रही है। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>वाराणसी
में सात दिसंबर 2010 को हुए धमकों की जांच उत्तर प्रदेश की एटीएस कर रहा है। गृह राज्यमंत्री ने कहा कि मुंबई में 13 जुलाई 2011 को हुए सिलेसिलेवार धमाकों की जांच एनआईए और 17 सितंबर 2011 को आगरा के जय अस्पताल में हुए विस्फोट की जांच उप्र एटीएस कर रहा है। इन मामलों की जांच में भी कोई सफलता नहीं मिली है। उन्होंने प्रकाश जावड़ेकर के सवालों के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।











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