गुजरात: इशरत जहां केस सीबीआई के हाथ में

गौरतलब है कि 18 नवंबर को एसआई ने जो रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी थी उसके मुताबिक इशरत जहां समेत चार लोगों का एनकाउंटर असली नहीं फर्जी था। कोर्ट ने कहा है कि फर्जी एनकाउंटर के लिए जिम्मेदार पुलिस वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा-302 के तहत एफआईआर कराया जाये।
मालूम हो कि 15 जून 2004 में इशरत जहां समेत चार लोगों को एनकाउंटर में मार गिराया गया था। पुलिस वालों का कहना था ये सभी लश्कर-ए- तैयबा के लोग थे जो सीएम मोदी को मारने आ रहे थे। इशरत जहां मुंबई की रहने वाली थी। उसकी उम्र 19 साल की थी और वो कॉलेज में पढ़ रही थी।












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