एक नजर मायावती के राजनीतिक जीवन पर...
मायावती का पुरा नाम मायावती नैना कुमारी है। उनका जन्म 1956 में नई दिल्ली में प्रभु दास और उनकी पत्नी रामरती के यहां हुआ। मायावती के पिता प्रभु भारतीय डाक-तार विभाग से वरिष्ठ लिपिक के रूप में सेवा निव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चार बार बसपा का परचम लहराकर इतिहास रचने वाली प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इस बार भी अपना वर्चस्व कायम रखने के लिये हर सियासी दाव पेंच कर रही हैं।
आईए एक नजर उनके राजनीतिक जीवन पर
मायावती का पुरा नाम मायावती नैना कुमारी है। उनका जन्म 1956 में नई दिल्ली में प्रभु दास और उनकी पत्नी रामरती के यहां हुआ। मायावती के पिता प्रभु भारतीय डाक-तार विभाग से वरिष्ठ लिपिक के रूप में सेवा निवृत्त हुए। उनकी मां हालांकि अनपढ़ थीं, परंतु उन्होंने अपने सभी बच्चों की शिक्षा में रुचि ली और सबको योग्य भी बनाया। मायावती के 6 भाई और 2 बहनें हैं। माया का पैतृक गांव बादलपुर है, जो उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थित है। मायावती ने दिल्ली के कालिंदी कॉलेज से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की है।
स्नातक की उपाधि
उनके पास शिक्षा स्नातक की उपाधि भी है और इन्होंने दिल्ली में (इन्द्रपुरी जे जे कॉलोनी) में एक शिक्षक के रूप में भी तब तक कार्य किया, जब तक इन्होंने पूरी तरह राजनीति में आने का निर्णय नहीं ले लिया। एक समय उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षाओं के लिए भी अध्ययन किया था, लेकिन 1977 में कांशीराम से मिलने के बाद इन्होंने एक पूर्ण कालिक राजनीतिज्ञ बनने का निर्णय ले लिया। कांशीराम के संरक्षण के अंतर्गत वह उनकी उस कोर टीम का हिस्सा थीं, जब1984 में उन्होंने बसपा की स्थापना की थी।
राजनीतिक कैरियर
मायावती ने अपना पहला चुनाव उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के कैराना लोकसभा सीट से लड़ा था। वह अविवाहित हैं और अपने समर्थकों में 'बहनजी' के नाम से जानी जाती हैं। मायावती ने चौथी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में लखनऊ के राजभवन में 13 मई 2007 को शपथ ग्रहण की थी।
मायावती पहली दलित महिला जो किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनी
मायावती इससे पहले भी 1995 से लेकर 2003 के बीच तीन बार छोटे कार्यकाल के लिए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। मायावती पहली दलित महिला हैं, जो भारत के किसी राज्य की मुख्यमंत्री बनीं।













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