अब माया के झांसे में नहीं आएंगे दलित: सपा

समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने मायावती के सम्मेलन को पूरी तरह से विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि हमेशा ही तरह उन्होंने फिर वहीं पुराना भाषण पढ़ा। कोई नयी बात नहीं कही। सपा की बुराई करना मायावती की आदत में शुमार है। वह भाषण में या तो सपा की बुराई करती हैं या फिर केन्द्र सरकार पर सौतेला व्यवहार का आरोप लगाती है।
दलित पिछडा वर्ग सम्मेलन में दलितों और पिछडों के कल्याण की कोई बात नहीं हुई। मायावती के पास दो ही बातों का रोना है। एक तो केन्द्र उनको मुंह मांगी धनराशि नहीं देता है, सौतेला व्यवहार करता है और दूसरे उनके अलावा किसी पार्टी ने प्रदेश का विकास नहीं किया है। श्री चौधरी ने कहा कि उनके भाषण में समाजवादी पार्टी की बुरायी करना एक कर्मकाण्ड जैसा है। अपने कार्यकाल में जो हो रहा है उसे सपा के मत्थे मढऩे में उन्हें संकोच नहीं है। उन्होंने कहा कि मायावती अपने जनाधार में गिरावट से परेशान है और बौखलाहट में उल्टे सीधे बयान दे रही है।
जाति-साम्प्रदायिकता का समाजवादी पार्टी पर आरोप मढऩे से पहले अच्छा होता वह यह देख लेती कि भाईचारा की आड़ में जातिवाद का जहर बोना किस श्रेणी में आता है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि बसपा राज्य हर विभाग में सिर्फ घोटाले हुए हैं और घोटालों के पीछे हत्याएं हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हत्याओं की जांच में इसीलिए सरकार सहयोग नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी सरकार में इतने मंत्री विधायक हत्या. बलात्कार और अपहरण में जेल नहीं गए होंगे जितने बसपा राज में गए हैं। दलित महिलाओं के साथ बलात्कार में प्रदेश का नाम बदनाम हो गया।
मायावती के सम्मेलन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि इस स मेलन का उद्देश्य सिर्फ सत्ता की हनक दिखाना और सत्ता के दुरुपयोग का प्रदर्शन करना था। पूरे दिन राजधानी में जाम लगाकर स्थानीय नागरिकों को परेशान करने में ही मुख्यमंत्री अपनी वाहवाही समझती हैं। खुद हेलीकाप्टर से उतरकर अपनी शान दिखाना ही उनकी नजर में दलितों की सच्ची सेवा करना है। जनता हकीकत जान गई है और अब वह किसी झांसे में आने वाली नहीं है।












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