अमेरिका ने पाक को दी ईरान का साथ छोड़ने की हिदायत

अमेरिका ने सलाह दी है कि यह बेहतर होगा यदि पाकिस्तान तुर्केमिनस्तान से गैस आयात की दूसरी परियोजना (तापी) पर ध्यान केंद्रित करे। मुंटर का बयान ऐसे समय में आया है जबकि ओबामा सरकार कथित परमाणु हथियार कार्यकम के मुद्दे पर ईरान को अलग थलग करने के प्रयासों में जुटी है। अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान की सूचना मंत्री फिरदौस आशिक अवान ने कहा कि पाकिस्तान ईरान के साथ अपनी गैस पाइपलाइन परियोजना के बारे में किसी के निर्देश को नहीं मानेगा।
उन्होनें इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान सभी निर्णय अपने राष्ट्रीय हित को देखते हुए लेगा। मुंटर ने लाहौर प्रबंधन विज्ञान विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ परिचर्चा के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होनें कहा कि तुर्केमिनस्तान के गैस का आयात एक बेहतर विचार होगा। पाकिस्तान और ईरान ने अरबों डालर की इस गैस पाइपलाइन परियोजना के विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप दे दिया है। अमेरिका काफी समय से इस परियोजना का विरोध कर रहा है।
पिछले दो साल में तुर्केमिनस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन परियोजना के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं। तुर्केमिनस्तान के गैस भंडार को लेकर आशंका और अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति की वजह से यह परियोजना अटकी हुई है। मुंटर ने इन खबरों का खंडन किया कि उन्होनें क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने इमरान खान तथा आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा से एक साथ मुलाकात की है।












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