किसी की भी बलि चढ़ाकर सरकार बनाना चाहती है कांग्रेस

ज्ञात हो कि पिछले दिनों बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस में शामिल हुए थे। सपा छोड़कर आये बेनी वर्मा की कुर्मी समाज में अच्छी पकड़ मानी जाती है। बाराबंकी के कांग्रेसी नेता शिव शंकर शुक्ल ने केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा व उनके पुत्र राकेश वर्मा के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। से गम्भीरता से लेने की बजाय कांग्रेस आलाकमान ने मुकदमा दर्ज कराने वाले शिवशंकर शुक्ला को ही पार्टी से बाहर कर दिया। वहीं बेनी की सभा में विरोध करने वाले नेताओं को भी अपना पद गंवाना पड़ा।
शुक्ला पर दल विरोधी कार्य, मीडिया में गैर जिम्मेदाराना बयान देने, अनुशासनहीनता व पार्टी के भीतरी मामलों को न्यायालय मे ले जाने सहित कई आरोप लगाये गये हैं। इन तमाम पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के साथ उन्हें पार्टी के सभी निर्वाचित एवं मनोनीत पदों से भी हटा दिया गया है। वहीं बहराइच में बेनी की जनसभा में हंगामा करने वाले नेताओं पर भी गाज गिरी है।
टिकट वितरण में पक्षपात के लिए बेनी को दोषी ठहराने वाले कांग्रेस जिला और शहर अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह व शेख जकरिया को हटाकर नयी नियुक्ति कर दी गयी। इन नेताओं को बेनी की सभा में हंगामा करने व लोगों को भड़काने को दोषी माना गया है। टिकट वितरण पर बगावत करने वालों के खिलाफ कांग्रेस ने सख्त रूख अपनाया है। बागी कार्र्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।












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