कुमार विश्वास भी नहीं करेंगे 'सच का सामना'

कुमार विश्वास ने बताया कि रियलिटी शो 'सच का सामना" में उन्हें पहले सेलीब्रेटी के रूप में आमंत्रण था। तीन एपीसोड के लिए एक करोड़ का ऑफर दिया गया था। हालांकि उन्होंने स्टार टीवी को पत्र भेजकर ऑफर ठुकरा दिया है। बकौल कुमार, अन्ना की कोर कमेटी का सदस्य होने के नाते मैं ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहता जिससे अन्ना के आंदोलन पर गलत प्रभाव पड़े। किसी भी तरह का आर्थिक प्रलोभन मेरी प्राथमिकता नहीं है। कलर चैनल के रियलिटी शो 'बिग बॉस" में शामिल हुए अग्निवेश का नाम लिए बिना कुमार ने कहा कि जहां एक ओर सामाजिक और आध्यात्मिक गुरु तक छोटे पर्दे के रियलिटी शो के जरिये पब्लिसिटी और आर्थिक फायदे का कोई मौका नहीं गवां रहे हैं, वहीं मेरे निर्णय से साफ है कि इस तरह के प्रलोभन का मुझ पर कोई असर नहीं पड़ता है। मेरी प्राथमिकता भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग है।
कुमार विश्वास के मुताबिक उनका निर्णय उन सबके लिए एक जवाब भी है जो कहते हैं कि टीम अन्ना हर समय मीडिया की सुर्खियों में बनी रहना चाहती है और पब्लिसिटी के मौके तलाशती रहती है। गाजियाबाद के लाजपत राय कॉलेज में हिंदी के इस लेक्चरर कुमार विश्वास पर हाल ही में आरोप लगाया गया था कि वह बिना छुट्टी लिए कॉलेज से अक्सर गायब रहते हैं। कालेज ने दावा किया था कि उसने कुमार विश्वास को कई बार नोटिस भी जारी कर रखा है। सिर्फ अन्ना आंदोलन के लिए ही नहीं कॉलेज का कहना है कि अपने निजी कामों के लिए भी कॉलेज आने को लेकर उनका यही रवैया रहा है।
कॉलेज प्रशासन के मुताबिक साल में वो दस से 20 फीसदी ही कॉलेज आते हैं। विभिन्न पत्रिकाओं में नियमित रूप से छपने के अलावा डा कुमार विश्वास की दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं- 'इक पगली लड़की के बिन' (1996) और 'कोई दीवाना कहता है' । डा. कुमार विश्वास हिन्दी मंच के एकमात्र ऐसे कवि हैं, जिनकी कविता (बिना किसी वाद्य यंत्र के, अपने स्वर में) देश के प्राय: सभी बड़े मोबाईल आपरेटरों के कालर बैक ट्यून (काल करने वाले को सुनाई देने वाला ट्यून) में शामिल है|












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