किशनजी के बाद गोरिल्ला वार में माहिर उसेंडी को माओवादियों की कमान

गुडसा उसेंडी नामक एक 17 वर्षीय नक्सली युवक 25, जून 2000 को अबूझमार के जंगलों में अपने पांच साथियों के साथ मारा गया था। कट्टा रामचंद्र रेड्डी ने साथियों के मारे जाने का बदला लेने का एलान किया और मारे गए नक्सली युवक गुडसा उसेंडी का नाम अपना लिया। बेहतर और अत्याधुनिक हथियारों के संचालन के साथ-साथ उसे आधुनिक संचार प्रणाली का भी बेहतर ज्ञान है। उसका भाषण नए रंगरूटों में जोश पैदा करता है।
ऐसे में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि गुडसा उसेंडी अब किशनजी के बाद माओवादियों की कमान संभाल सकता है। मालूम हो कि गुरुवार की शाम कोबरा बटलियन और पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन कर कुख्यात नक्सल नेता किशनजी को मार गिराने का दावा किया है। फिलहाल नक्सलियों की तरफ से इस संबंध में किसी भी तरह की कोई घोषणा नहीं की गई है।












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