गुजरात हाई कोर्ट ने की इशरत मुठभेड़ पर पिल्लई की खिंचाई

जबकि इशरत और अन्य को किसी भी तरह आतंकवाद से बेदाग नहीं किया है। फर्जी मुठभेड़ मामले की सुनवाई कौन सी जांच एजेंसी करे, इस बारे में विचार कर रही न्यायमूर्ति जयंत पटेल और न्यायमूर्ति अभिलाषा कुमारी की एक खंड पीठ ने कहा कि उनके (पिल्लई) स्तर के किसी वरिष्ठ अधिकारी से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती है कि वह इस तरह से मीडिया में बोल सकते हैं।
अदालत ने कहा कि वह (पिल्लई) एसआईटी द्वारा प्राप्त किए गए तथ्यों के बारे में टिप्पणी नहीं कर सकते हैं ऐसे में जब मामला अदालत में है। यह मामला सन 2004 का है उस समय इशरत समेत चार लोगो का एन्काउंटर कर दिया गया था। बताया गया था कि यह लोग लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य है और नरेंद्र मोदी की हत्या करने जा रहे है।












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