दिल्ली: एमसीडी के बंटवारे में केंद्र की मुहर

आपको बता दें कि 8 नवंबर को ही मुख्यमंत्री दीक्षित ने गृह मंत्री से अपने अधिकारियों के साथ मुलाकात की थी और 11 नवंबर को बंटवारे के प्रस्ताव पर गृह मंत्रालय की मुहर लगने का ऐलान भी कर दिया था, लेकिन उस दिन कुछ भी नहीं हुआ। पिछले 12 दिनों तक लगातार प्रयास करने के बाद बुधवार को उन्होंने दबाव की राजनीति और इस फैसले को लेकर आपसी एकजुटता का प्रदर्शन करने के लिए अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ गृहमंत्री से मिलने का फैसला किया। उनकी यह कोशिश रंग भी लाई।
पहले मंगलवार को ही मंजूरी मिलने वाली थी लेकिन सारा दिन इंतजार करने के बाद भी निराशा ही हाथ लगी। तब जाकर मुख्यमंत्री ने अपना पूरा जोर लगाया। समझा जा रहा है कि लगातार देरी के मद्देनजर ही मुख्यमंत्री ने पूरे मंत्रिमंडल को साथ लेकर गृह मंत्री से मिलने का दांव चला जो बिल्कुल कारगर रहा। इधर, दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्त ने कहा, यह जल्दीबाजी में उठाया गया कदम है इससे निकाय से नागरिकों को मिलने वाली सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी। कांग्रेस निकाय चुनावों में राजनीतिक लाभ के लिए एमसीडी का बंटवारा चाहती है।












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