जेल में कैदियों ने लगाई कृषि पाठशाला

चौ. चरण सिंह, हरियाणा कृषि विश्विद्यालय, हिसार से संबद्ध कृषि ज्ञान केन्द्र द्वारा कैदियों को भूमि के परिक्षण के लिए मिट्टी के नमूने लेना तथा उनकी जांच के बाद ही ऊर्वरकों का प्रयोग करने के लाभ के बारे जानकारी दी गई।
इसके साथ-साथ उन्हें जमीन को लेजर मशीन से समतल करवाने, बीजों का चयन, बीजों के उपचार के लाभ, समन्वतित किट प्रबन्धन से फसलों में कम से कम कीटनाशकों का प्रयोग करने के बारे में भी बताया गया। उन्हें विश्वविद्यालय की टोल फ्र्री हैल्प लाईन सेवा का लाभ उठाने बारे में भी बताया।
इस दौरान कैदियों को खेती के लिए घटती हुई जमीन में सब्जी उगाकर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने की तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। कृषि पाठशाला में कैदियों को सरकार की तरफ से किसानों को फव्वारों पर, पोली ग्रीन हाऊस तथा टपका सिंचाई पर मिलने वाली सरकारी रियायत के बारे में भी जानकारी दी गई।
जेल में बन्द अधिकतर कैदियों की कृषि पृष्ठभूमि को देखते हुए ही इस कृषि पाठशाला का आयोजन किया गया ताकि ज्यादातर कैदियों को जेल में रहते हुए खेती से सम्बन्धित नवीनतम तकनीकों की जानकारी मिल सके और वे जेल से रिहा होकर देश के कृषि उत्पादन में अपना सहयोग दें सके।












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