यूपी के टुकड़े कर सत्ता की चाह में सभी राजनीतिक दल

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले जातिवाद और ब्राहम्णवाद कार्ड के बल पर राजनीति कर रही सूबे की मुखिया मायावती ने मंगलवार को प्रदेश के चार टुकड़े करने का निर्णय लिया। मायावती ने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश राज्य का चार भागों में बंटवारा करने के पक्ष में हैं। लखनऊ में एक प्रेस कांफ्रेस के माध्यम से मायावती ने यह राज्य के बंटवारे का प्रस्ताव रखा।
मीडिया से मुखातिब मायावती ने कहा कि यूपी को चार भाग में बांटने का प्रस्ताव इसी महिने विधानसभा में पारित करवा लिया जायेगा। बंटवारे के इस क्रम में अलग होकर जो चार राज्य बनेंगे वो पूर्वांचल, पश्चिम प्रदेश, अवध प्रदेश और बुंदेलखंड होंगे। मायावती ने कहा कि ऐसा सिर्फ इस लिये किया जा रहा है क्योंकि जनसंख्या और क्षेत्रफल के लिहाज से उत्तर प्रदेश के विशाल होने के कारण सम्रग विकास और उपयुक्त प्रबंधन नहीं हो पाता है।
उल्लेखनीय है कि मायावती के इस घोषणा के फौरन बाद कांग्रेस विधानमंडल के नेता प्रमोद तिवारी ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि कांग्रेस तो शुरु से ही छोटे राज्यों के पक्ष में रही है। लेकिन इस बात का यह मतलब नहीं कि कांग्रेस माया को समर्थन दे रही है। श्री तिवारी ने कहा कि यह सारा मामला केंद्र के फैसले पर निर्भर करता है और केंद्र इसपर जरुर गहन विचार करेगी। एक तरफ माया के लिये थोड़े नरम भाव दिखाने के बाद प्रमोद तिवारी ने फौरन अपने बातों को संतुलन में ला दिया और कहा कि विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले ऐसा करना वोट बैंक के लिये हो सकता है।












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