पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 2.25 रुपये की कमी

सरकार की तरफ से पेट्रोल की कीमतों को डिकंट्रोल किये जाने के बाद से यह पहली बार हुआ है जब आकाश छू रही पेट्रोल की कीमत में कमी आई हो। जानकार तो इसे राजनीतिक मायना मान रहे हैं। जानकारों का कहना है कि शीतकालीन सत्र 22 नवंबर से शुरु होने वाला है और पेट्रोल की कीमतें विपक्षी पार्टियों के मुख्य एजेंडे में है।
सरकार ने इस स्थित में पेट्रोल की कीमत में कमी इस लिये की है ताकि वह विपक्ष को जबाब दे सके। मालूम हो कि अभी बीते 3 नवबंर को ही पेट्रोल की कीमत में 1.80 रूपये की वृद्धि की गई थी। खैर अब यह राजनीतिक स्टंट हो या फिर कुछ और मगर मंहगाई की मार झेल रहे आम आदमी के लिये निश्चित तौर पर यह राहत की सांस लेने वाली है।












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