बच्चों ने चलाई गाड़ी तो पेरेंटस का होगा चालान

अभिभावक भी बिना सोचे समझे अंडर एज बच्चों को वाहन चलाने के लिए दे देते हैं। वे ये नहीं सोचते कि उनकी यह लापरवाही कई लोगों पर भारी पड़ सकती है। इसके लिए अभिभावक भी इतने ही जिम्मेदार होते हैं। इस बात को गंभीरता से लेते हुए ट्रैफिक एंड हाइवे पुलिस ने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के परिजनों से चालान वसूल करने का फैसला लिया है।
इसके तहत यदि कोई अंडर एज किशोर व किशोरी वाहन चलाते हैं तो न केवल उस वाहन चालक का चालान होगा, बल्कि उसके माता या पिता का भी चालान किया जाएगा। ऐसा मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन चार व पांच के तहत किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि इससे सड़क हादसों में कमी आएगी और अभिभावक भी अपने अंडर एज बच्चों को वाहन देने से पहले सोचेंगे।
इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस की चालानिंग पार्टी हर स्कूल के बाहर खड़ी होगी। यदि कोई बिना लाइसेंस व अंडर एज वाहन चलाता पाया गया तो उसका व उसके माता या पिता का तुरंत चालान कर दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश भर के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे इस नियम को सख्ती से लागू करें।
ट्रैफिक एंड हाइवे पुलिस प्रदेश भर के हर स्कूल व कालेज के प्रिंसिपल के साथ बातचीत कर रही है। हर प्रिंसिपल को इस नियम के बारे में बताया जा रहा है कि वे हर स्टूडेंट्स को इसके प्रति जागरूक कर दें। प्रतिदिन एसेंबली में भी इस नियम के बारे में बच्चों को बताया जाए, ताकि वे लाइसेंस बनने तक वाहन लेकर न आएं।
इसके अलावा पेरेंट्स टीचर्स मीटिंग भी इन नियमों के बारे में उन्हें बताया जाए, ताकि वे भी जागरूक हो सके और अपने अंडर एज बच्चों को वाहन न दें। यही नहीं पुलिस भी स्वयं बच्चों जागरूक कर रही है कि वाहन चलाने के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। यानि उसे अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया हो।












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