संदिग्ध मौत के चलते कब्र से निकाला युवक का शव

उन्होंने बताया था कि गांव के ही मुस्लिम समाज से संबंधित 35 वषीर्य भीला की गत छह नवम्बर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। भीला का शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटकता मिला था। भीला की मौत संदिग्ध दिखाई दे रही थी। मौत के कारणों के बारे में उसकी पत्नी रानी भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रही थी। रिश्तेदारियों के दबाव के चलते भीला के शव का बिना पोस्टमार्टम कराए उसे दफना दिया गया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि भीला की मौत के बारे में उसकी पत्नी रानी की भूमिका संदिग्ध है।
मौत के बाद से ही वह अपने मायके गई हुई है। उन्होंने मांग की थी कि भीला के शव को निकलवा कर उसका पोस्टमार्टम करवाया जाए ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके। शुक्रवार को भी निडानी की पंचायत एवं मुस्लिम समाज के लोग इस सिलसिले में उपायुक्त से दोबारा मिले थे। उपायुक्त युद्धवीर सिंह ख्यालिया ने निडानी गांव के कब्रिस्तान में दफनाए गए भीला के शव को कब्र से निकालने के आदेश दिए। इससे पहले काफी देर तक उपायुक्त ने अधिकारियों से बातचीत भी की थी।
लंबी बैठक के बाद उपायुक्त ने कब्र खोदकर भीला का शव निकालने के लिए जींद के तहसीलदार दलीप सिंह खर्ब को डयूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्त किया गया तथा सदर थाना प्रभारी सुरेश पाल को भारी पुलिस बल के साथ गांव में जाकर इस काम को अंजाम देने का जिम्मा सौंपा गया। गांव में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच देर सायं कब्रिस्तान से भीला के शव को निकाला गया। समाचार भेजे जाने तक प्रशासन द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक पी.जी.आई. भेजने की कार्रवाई की जा रही थी।












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