शाही ट्रेन से हरियाणा पहुंचे बी.के. बिरला

बिरला परिवार के लोहारू जंक्शन पर पहुंचने की तैयारियों के लिए लोगों ने पूरे स्टेशन को जोर-शोर से सजाया हुआ था। दोपहर के ठीक 12 बजे दिल्ली की ओर से एक स्पेशल शाही ट्रेन स्टेशन पर आकर रूकी। इसी ट्रेन में देश के प्रथम उद्योगपति पिलानी निवासी स्व. घनश्यामदास बिरला का परिवार सफर कर रहा था। जैसे ही बीके बिरला और उनकी पत्नी सरला बिरला ट्रेन की बोगी से बाहर झांके तो लोगों ने फूलमालाओं से उनका स्वागत करना शुरू कर दिया।
व्यवस्था के बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस स्पेशल ट्रेन में बिरला परिवार के 90 सदस्य हैं। इन्हें लोहारू स्टेशन पर उताकर यह ट्रेन सफाई आदि के लिए बीकानेर जाएगी, जो बाद में तय कार्यक्रम के अनुसार बिरला परिवार को वापिस ले जाने के लिए 15 नवंबर को लोहारू पुन: पहुंचेगी। बिरला परिवार लोहारू से अपने पैतृक नगर पिलानी के लिए विशेष एवं वातानुकूलित बसों से रवाना हो गया।
बचपन की यादों में कुछ दिन बिताएंगे यहां
बताया जाता है कि घनश्यामदास बिरला परिवार के सबसे बड़े सदस्य बीके बिरला पिलानी में नवनिर्मित शिव मंदिर एवं संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे और अपने बचपन की यादों में कुछ दिन यहां बिताएंगे। उल्लेखनीय है कि यहां से मात्र 25 किमी दूर स्थित पिलानी कस्बे में जन्मे घनश्यामदास बिरला ने अपने अथक परिश्रम के बल पर देश के प्रमुख एवं पहले उद्योगपति बनने का गौरव हासिल किया था। आज भी पूरा उत्तर भारत सफल जीवन के लिए बिरला को अपना प्रेरणा स्त्रोत मानते हैं।
बिरला के प्रयासों से ही पिलानी नगर आजादी से पूर्व के समय से आज तक एक प्रमुख शिक्षा स्थली के रूप में पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां बिरला का अग्रणी इंजीनियरिंग संस्थान बिट्स तथा केंद्र सरकार का तकनीकी अनुसंधान संस्थान सीरी प्रमुख रूप से स्थापित हैं। बताया जाता है कि एक बार पिलानी क्षेत्र से बिरला परिवार के एक सदस्य ने चुनाव लड़ा था, लेकिन जनता ने उन्हें हरा दिया था। पिलानी वासी मानते हैं कि यदि उस वक्त पिलानी के लोग यह भूल नहीं करते तो आज पिलानी कुछ और ही होता।
बदला-बदला सा रहा रेलवे स्टेशन का नजरा
बिरला गु्रप के चैयरमेन बी.के बिरला व उनके पारिवारिक सदस्यों के लोहारू आगमन को देखते हुऐ लोहारू रेलवे स्टेशन परिसर का माहौल बदला-बदला सा नजर आया। लोहारू रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिसकर्मी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी करते नजर आए। वहीं कभी भी न खुलने वाली दूसर टिकट खिडकी को भी आज खोल दिया गया था। रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार का दुल्हन की तरह सजाया गया था तथा पिलानी से आए बिरला संस्थान के छात्रों व स्टाफ सदस्यों द्वारा पूरी व्यवस्था की गई थी। मुख्य द्वार के एक हिस्से को वीआईपी लोगो के लिए ही खुला रखा गया था। रेलवे स्टेशन के बाहर मुख्य चौक तक लगने वाली रेहडिय़ों को भी स्टेशन से हटवा दिया गया था।












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