देश के परमाणु केन्द्रों पर आतंकी हमले की आशंका

यही हाल तीन अन्य केंद्रों का है। एक केंद्र तमिलनाडु में है। इन विमानों का अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमलों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे खतरनाक बात यह है कि इन फ्लाइंग क्लबों पर सुरक्षा का कोई खास व्यवस्था नहीं है। नरौरा परमाणु पॉवर स्टेशन पर तैनात सीआईएसएफ कमांडेट की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है।
इस संबंध में गृह मंत्रालय ने देश के चार परमाणु केंद्रों के पास स्थित परमाणु केंद्रों के पास चल रहे फ्लाइंग क्लबों के बारे में वहां के स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। 9 सितंबर 2001 को अमेरिका में वल्र्ड ट्रेड सेंटर पर हुए आतंकी हवाई हमले के बाद भारत में परमाणु पॉवर स्टेशनों समेत तमाम महत्वपूर्ण इमारतों के ऊपर से विमान के गुजरने पर पाबंदी लगा दी गई थी। इनमें संसद, राष्ट्रपति भवन , प्रधानमंत्री भवन भी शामिल है। लेकिन सुरक्षा के लिहाज से परमाणु केंद्र सबसे ऊपर हैं। यहां किसी तरह के हमले का मतलब विनाश है।
अमेरिका ने भी भारत को इस तरह के हमले के प्रति लगातार आगाह किया है। इसके बावजूद देश के चार परमाणु पॉवर स्टेशन के हवाई क्षेत्र में निजी विमानों की उड़ानें लगातार हो रही हैं। इनमें से एक केंद्र तमिलनाडु में है। नरौरा परमाणु पॉवर स्टेशन की सीआईएसएफ यूनिट के कमांडेट श्रीनारायण ने इस संबंध में गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। अगर इन विमानों का आतंकवादियों ने अपहरण करने के बाद परमाणु केंद्रों से जा कर टकरा दिया तो इसका परिणाण इतना भयावह होगा जो कल्पना से परे है। सारी दुनिया चेरेनेबल के हादसे को जानती है। चेरनेबल के परमाणु केंद्र में धमाका हुआ तो क्या हुआ था। अब देखना है सरकार इस मामले में कितना सख्त रुख अपनाती है।












Click it and Unblock the Notifications