भट्ट की याचिका पर कोर्ट ने दिया गुजरात सरकार को नोटिस

भट्ट ने इस मामले में अपने खिलाफ एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए इस मामले में अपने उपर लगे सभी आरोप गलत बताए और कहा कि राज्य सरकार उनका उत्पीड़न कर रही है। न्यायाधीश आफताब आलम और रंजना प्रसाद देसाई की खंडपीठ ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई तक जवाब देने के लिए कहा है।
भट्ट ने एक वैकल्पिक दलील में इस मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की है ताकि उनके खिलाफ लगे आरोपों की स्वतंत्रा जांच हो सके। पांच अगस्त को राज्य पुलिस ने मेहता की शिकायत पर भट्ट के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की थी। मेहता ने कहा था कि भट्ट ने उनके ई-मेल अकाउंट हैक किए और सूचनाएं दूसरों को दीं।
अपनी शिकायत में मेहता ने कहा कि ये सूचनाएं मेरे व्यक्तिगत, पेशेवर और कानूनी संवादों से संबंधित थीं जिन्हें भट्ट ने अनाधिकृत तौर पर एक गुप्त मकसद से ना केवल देखा बल्कि दूसरों को भी बांटा। यह एक दंडनीय अपराध होने के अलावा मेरी निजता के उल्लंघन का मामला भी है। गुजरात पुलिस ने बाद में यह मामला अपनी अपराध शाखा के साइबर सेल को हस्तांतरित कर दिया।












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