यूपी में किस्मत आजमायेंगे राम विलास पासवान

लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा की सभी सीटों पर चुनाव लडऩे की उनकी तैयारी पूरी हो गयी है। कांग्रेस में लोजपा के विलय की सम्भावना तो दूर उन्होंने प्रदेश में किसी भी दल के साथ गठबन्धन करने से भी इन्कार किया है। हलांकि पासवान ने कांग्रेस की अप्रत्यक्ष तौर पर तारीफ भी खूब की। उन्होंने कहा कि यह सही है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार पर विपक्ष के हमले तेज हैं, भ्रष्टाचार के आरोपों से सरकार परेशान है। बावजूद इसके विपक्ष के हमलों का सटीक जवाब भी सदन के अन्दर नहीं दिया जा रहा है, यही कारण है कि विपक्ष किन्हीं किन्हीं मौकों पर सरकार पर हावी दिखता है।
पासवान का कहना था कि संप्रग सरकार के पहले कार्यकाल में वामपंथियों, राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और वह स्वयं सरकार का पक्ष समय समय पर प्रभावशाली ढंग से रखते थे इसलिए विपक्ष असहाय सा हो जाता था। प्रदेश की मायावती सरकार को अब तक की सबसे असफल और भ्रष्ट सरकार बताते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश को बसपा ने काफी पीछे धकेल दिया है।
मायावती व मुलायम सिंह के कार्यकाल की तुलना करते हुए लोजपा अध्यक्ष ने स्वीकार किया कि मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में कानून व्यवस्था की हालत से जनता त्रस्त थी। उन्होंने कहा कि इसका यह मतलब नहीं है कि गुस्से में जहर खा लिया जाये। विधानसभा के पिछले चुनाव में बसपा को मिले पूर्ण बहुमत पर उनका कहना था कि सरकार को इतना मजबूत कभी नहीं बनाना चाहिए कि वह जनता पर भारी पड़ जाये। लोकतंत्र में जनता को हर हाल में सरकार से मजबूत रहना चाहिए। अपने गृह प्रदेश बिहार की चर्चा करते हुए पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की जादूगरी अब समाप्ति के कगार पर है। नीतिश सरकार पर भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप हैं।












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