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चीन को घेरने के लिए ऑस्‍ट्रेलिया की मदद लेगा अमेरिका

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Barack Obama
अमेरिका ने यह ऐलान कर दिया है कि चीन चाहे कितनी भी बड़ी ताकत बन जाए लेकिन अमेरिका उससे डरता नहीं है। इतना ही नहीं अमेरिका ने चीन को यह चेतावनी भी दी है कि अफगानिस्‍तान और इराक मे चल रहे अपने सैन्‍य अभियान खत्‍म करके वह चीन की हेकड़ी निकालेगा। जिसके लिए अमेरिका अब ऑस्‍ट्रेलिया से हाथ मिलाने जा रहा है। अब अमेरिका ऑस्‍ट्रेलिया में अपनी नौसेना के पोत तैनात करेगा। अम‍ेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा अपनी ऑस्‍ट्रेलियाई यात्रा पर इस बारे में मंत्रणा करेंगे।

अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अभी उनकी सेनाएं अफगानिस्‍तान और इराक में हैं। जिस वजह से वह एशिया प्रांत की तरफ ध्‍यान नहीं दे पा रहा है। इन दोनों देशों के बाद उनका अगला निशाना चीन और वियतनाम हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन में मानवाधिकारों को ताक पर रखा जा रहा है। हाल ही में वहां 11 बौद्ध भिक्षुओं की हत्‍या कर दी गई थी। चीन में आम जनता पर जुल्‍म किया जा रहा है। अब अमेरिका इन सब चीजों पर अपना ध्‍यान केंद्रित कर सकता है।

फिलहाल अम‍ेरिका इस समय पाकिस्‍तान में भी अपने सैन्‍य अड्डे बनाए हुए है। जिसकी सीमा पाकिस्‍तान से जुड़ती है। ऐसे में अमेरिका पाकिस्‍तान में अपने सैन्‍य ठिकाने न बढ़ाकर ऑस्‍ट्रेलिया की तरफ जा रहा है। अमेरिका को शायद यह समझ में आ गया है कि अफगानिस्‍तान की तरह चीन के लिए पाकिस्‍तान अपनी जमीन का इस्‍तेमाल नहीं करने देगा। इस समय चीन ने भी पाकिस्‍तान को आर्थिक सहयोग देकर उसे अपनी तरफ मोड़ लिया है।

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English summary
America will target China after Afghanistan and Iraq. US will take the help from Australia for this mission.
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