महंगाई का असर, अब दुल्हन लाने लगी बारात

नए ट्रेंड में एक होटल या बैंक्वेट हाल में दोनों पक्ष पहुंचकर सामूहिक या फिर वधू पक्ष के खर्च से शादी समारोह का आयोजन करते हैं। अब तक पहले लड़की वालों के यहां बारात जाती थी और फिर लड़के वाले घर वापसी पर रिसेप्शन पार्टी करते थे या फिर शादी से एक दिन पहले घुड़चढ़ी के दिन लड़के वाले अपने सगे-संबंधियों के लिए प्रीतिभोज करते थे।
आजकल शहर में ज्यादातर शादियों में लड़की वाले ही लड़के वालों के शहर में पहुंचकर वहां के किसी होटल में शादी समारोह का आयोजन कर रहे हैं। एक रिकॉर्ड के अनुसार शहर में देवोत्थान एकादशी के बाद अब तक 280 शादियां ऐसी हो चुकी हैं।
महंगाई ने बढ़ाया सामूहिक शादियों का प्रचलन
भागदौड़ भरी जिंदगी और महंगाई के इस दौर में कम समय और सामूहिक खर्च से होने वाली शादियों को खूब बढ़ावा दिया है। शहरों में अब ना तो दूल्हे वाले एक दिन पहले घुड़चढ़ी करते हैं और ना ही अगले दिन रिसेप्शन। किराए के मकानों से अब लड़की की डोली उठती है। अब शादी उत्सव चंद घंटों का रह गया है। वर-वधू पक्ष अपनी सहमति से सामूहिक एक आयोजन करते हैं।
ज्यादातर लड़की वाले लड़की और अपने संगे-संबंधियों को लेकर लड़के वाले के शहर पहुंचकर वहीं के होटल में शादी आयोजन करते हैं। लड़के वाले भी वहीं पर पहुंचते हैं। सामूहिक भोज के बाद मंडप में फेरे होते हैं और होटल या बैंक्वेट हाल से ही लड़की की विदाई हो जाती है।
शादी समारोह के लिए होटल, बैंक्वेट हाल मालिकों ने पैकेज निर्धारित किए हैं। लड़की या फिर लड़के वालों को तो बस अपनी खर्च राशि बतानी है और इसके बाद सारा काम होटल प्रबंधन का होता है। हिसार शहर में ही 40 हजार से सवा लाख रुपए तक होटल या बैंक्वेट हाल शादी समारोह के लिए उपलब्ध होते हैं। इसके बाद खाना, डीजे, डेकोरेशन खर्च अलग से होता है।
खाने में 300 रुपए से 700 रुपए प्रति प्लेट के हिसाब से खर्च वसूला जा रहा है। इसमें मीठा, स्नेक्स, स्वीट डिश, कोल्ड डिंक्स, फ्रूट स्टाल, वेज-नॉन वेज आदि के हिसाब से अलग-अलग रेट तय किए गए हैं। शादी समारोह में डोली, मंडप, स्टेज, लॉन आदि की सजावट पर 500 से 40 हजार तक खर्च किए जा रहे हैं। डीजे खर्च भी तीन हजार से 15 हजार रुपए तक है। अच्छे आयोजन के लिए शादी वाले बाहर से भी अलग से खर्च कर क्राकरी मंगवाते हैं।












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