माया का चुनावी मुद्दा होगा- यूपी के 4 हिस्‍से करना

Uttar Pradesh Chief Minister Mayawati
लखनऊ। पांच साल के कार्यकाल में महज मूर्तियां और पार्क बना कर विकास के दावे खोखले होने के बाद उत्‍तर प्रदेश की मुख्‍यमंत्री मायावती ने अपना चुनावी एजेंडा निकाला है। वो होगा राज्‍य को चार टुकड़ों में करना। खास बात यह है कि इस काम में कांग्रेस भी उनके साथ होगी। वहीं भाजपा ने माया के इस निर्णय को पूर्ण रूप से चुनावी स्‍टंट करार दिया है।

चुनाव नजदीक आते ही प्रदेश के बंटवारे की चर्चा गर्म होने लगी है। मुख्‍यमंत्री ने एक प्रेसवार्ता में पूछे गये सवाल पर कहा कि विभाजन के मुद्दे को वो अभी खुलकर नहीं बताना चाहती हैं, नहीं तो मीडिया उस मुद्दे की धज्जियां उड़ा देगा। लिहासा वो पूरे प्‍लान के साथ भाजपा ने कहा है कि मायावती ऐसी बयानबाजी कर जनता को बरगला रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि बसपा प्रदेश के दोनो सदनों में बहुमत में है और मुख्यमंत्री अलग पूर्वांचल, अलग बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को हरित प्रदेश बनाने के प्रति गंभीर होती तो दोनों सदनों से इस समबन्ध में प्रस्ताव पारित करा कर केन्द्र सरकार को भेज सकती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा कि दरअसल मायावती की कभी ऐसी सोच रही ही नहीं है। चुनाव नजदीक आने पर राज्य के विभाजन की बयानबाजी कर जनता को बरगलाने का प्रयास कर रही हैं।

शाही ने कहा कि सरकार की ओर से हड़बड़ी में लिये गये किसी भी फैसले का पार्टी विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील और बड़े निर्णय के पूर्व राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन जरूरी है और इसके सभी पहलुओं पर बारीकी से चर्चा होनी चाहिये। वहीं मायावती द्वारा नये जिलों की घोषणा को भी उन्होंने अनुचित बताया। शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नये जिलों की घोषणा सरकार की दूरदृष्टिता में कमी को दर्शाता है। ऐसे कई जिलों में अब तक कई प्रशासनिक कार्यालयों का निर्माण कार्य अधूरा है और अधिकारी अन्य जगहों में बैठकर कामकाज निपटा रहे है।

भाजपा अध्यक्ष ने नवगठित जिले भीमनगर का उदाहरण देते हुये कहा कि इस जिले में जिलाधिकारी का कार्यालय अब तक निर्माणाधीन है और जिलाधिकारी मुरादाबाद के सॢकट हाउस से नये जिले का कामकाज देख रहे है। वहीं मुख्यमंत्री द्वारा गन्ना के समर्थन मूल्य में 40 रूपये प्रति ङ्क्षक्वटल की बढ़ोत्तरी को नाकाफी बताते हुये शाही ने इसे गन्ना किसानों के साथ इस क्रूर मजाक बताया।

उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में जब डीएपी 258 रूपये और यूरिया 910 रूपये में है और मजदूरी में भी तीन गुना की बढ़ोत्तरी हो चुकी है ऐसे में यह गन्ना का यह मूल्य काफी कम है। उन्होने कहा कि किसानों की दुर्दशा.बिजली और नहरों की खस्ता हालत समेत कई मुद्दों को लेकर भाजपा सड़कों पर उतरेगी। शाही ने बताया कि भाजपा आगामी 15 से 30 नवम्बर के बीच 'घेरा डालो घेरा डालो आंदोलन करेगी। इसके बाद एक दिसम्बर से 'प्रदेश बचाओं बीजेपी लाओ आंदोलन की शुरूआत करेगी।

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