कनिमोझी को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत, 1 नवंबर को सुनवायी

कनिमोझी के अलावा चार अन्य आरोपियों ने विशेष अदालत के तीन नवबंर को जमानत देने से इंकार संबंधी फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। चार लोगों में डीएमके संचालित कलाइग्नर टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार, कुसेगांव फू्रट्स एवं वेजीटेबल प्रायवेट लिमिटेड के निदेशक आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल तथा बालीवुड प्रोड्युसर करीम मोरानी शामिल हैं। कनिमोझी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अल्ताफ अहमद ने पीठ के समक्ष कहा कि निचली अदालत ने पांच आरोपियों को जमानत देने की सीबीआई की इच्छा को नजरअंदाज कर दिया।
सीबीआई की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन परसरन ने अदालत से कहा कि उसे (सीबीआई को) जमानत पर कोई आपत्ति नहीं है। सीबीआई अधिवक्ता ने कहा कि हम निचली अदालत के समक्ष रखे गए रुख पर कायम हैं। उसमें कोई बदलाव नहीं है। सीबीआई के वकील की प्रतिक्रिया न्यायमूर्ति शाली के उस सवाल के बाद आई है जिसमें उन्होंने पूछा था कि निचली अदालत में जमानत याचिका पर एजेंसी के रुख में क्या कोई बदलाव आया है।












Click it and Unblock the Notifications