बेहतर माहौल से होगी कालाधन वापसी: मनमोहन

जिन लोगों के पास अधिक धन उपलब्ध हैं उन्हें उसके लिये विदेशों की तरफ रुख करने की आवश्यकता नहीं है। कान में जी-20 शिखर सम्मेलन के समापन पर कल शाम प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं के पूछने पर कहा हमें एक ऐसा वातावरण बनाने की जरूरत है जिसमें लोग स्वयं ही इस धन को स्वदेश लाने को प्रोत्साहित हों।
ऐसे में अतिरिक्त पूंजी जिन लोगों के पास है उन्हें उसे देश से बाहर लगाने के बारे में नहीं सोचाना चाहिये। सिंह ने कहा कि बेहतर वातावरण तैयार करना अकेला ऐसा सुरक्षित, दीर्घकालीन रास्ता है जिसमें देश से विदेशी पनाहगाहों में धन के प्रवाह को रोका जा सकेगा। जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत में भारत को उस समय बड़ी सफलता मिली जब सम्मेलन के घोषणापत्र में कर चोरों की पनाहगाह माने जाने वाले देशों से कर सूचनाओं के आदान-प्रदान के नियमों को अपनाने और मनी लांडिंग पर नजर रखने को कहा गया।
इसमें आतंकवादियों को पहुंचने वाले धन पर भी नजर रखने के लिये देशों को कहा गया है। जी20 दुनिया के कुल उत्पादन के 85 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें दुनिया की तीन चौथाई आबादी का प्रतिनिधत्व है। समूह ने उन देशों और विशेष अधिकार क्षेत्र वाले इलाकों के खिलाफ कारवाई की चेतावनी भी दी है जो कर धोखाधड़ी से निपटने में पारदर्शिता और सूचनायें बांटने में मदद नहीं करेंगे।












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