तीखी बयानबाजी से कांग्रेस का वोटिंग मीटर डाउन कर रहे दिग्विजय

Digvijay Singh
लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश में राहुल गांधी जहां एक ओर गांव गे गलियारों में जाकर गरीबों के साथ चौपाल लगाकर वोट बैंक मजबूत करने के प्रयास कर रहे हैं, वहीं उन्‍हीं के सहयोगी दिग्विजय सिंह उनके किये पर पानी फेरने में जुटे हुए हैं। सही मायने में देखा जाये तो दिग्विजय सिंह अनाप-शनाप बयानबाजी कर कांग्रेस के रहे-सहे वोटबैंक को भी खत्‍म करने का काम कर रहे हैं।

अपनी तीखी बयानबाजी के लिए मशहूर दिग्विजय सिंह अपनी पार्टी के महासचिव हैं। यानी पार्टी की आवाज हैं और यह आवाज जब किस ऐसे व्‍यक्ति से टकराती है, जिससे लाखों लोग जुड़े हों, तो उसका प्रभाव काफी ज्‍यादा पड़ता है। साफ शब्‍दों में कहें तो दिग्विजय ने अपनी ताज़ा बयानबाजी में सबसे पहले बाबा रामदेव को लपेटा। उसके बाद आयी अन्ना हजारे की बारी, जिन्होंने जनलोकपाल बिल के मसले पर केन्द्र को खरी खोटी सुनायी तो दिग्विजय को बर्दाश्त नहीं हुआ और अन्‍ना के खिलाफ जमकर जहर उगला। अब श्रीश्री रविशंकर पर दिग्विजय ने करारा वार किया है।

कांग्रेस महासचिव ने श्रीश्री रवि शंकर को संघ का सी ग्रेड का कार्यकर्ता करार दिया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर सी श्रेणी के कार्यकर्ता हैं इसीलिए संघ ने उन्हें सबसे बाद में मैदान में उतारा है। अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने बाबतपुर हवाई अड्डे दिए अपने एक बयान में कहा कि संघ ने पहले ए व बी श्रेणी के संतों व कार्यकर्ताओं से कांग्रेस के खिलाफ विषवमन कराया। इसके बाद भी जब कोई बात नहीं बनी तो अब सी श्रेणी के श्रीश्री रविशंकर को मैदान में उतारा है।

उन्होंने कहा कि तीन दिवसीय पूर्वांचल दौरे पर आ रहे श्रीश्री कांग्रेस विरोधी बयानबाजी कर जनता को गुमराह करने की कोशिश करेंगे लेकिन अब जनता उनकी राजनैतिक बातों को समझने लगी है जिसके बाद अब कोई भी उनकी बातों में नहीं आएगा। ज्ञातव्य है कि आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता एवं अध्यात्मिक गुरू श्रीश्री रविशंकर सात नवम्बर को पूर्वांचल दौरे पर आ रहे हैं। श्रीश्री रविशंकर की प्रदेश यात्रा को देखते हुए सिंह ने कहा कि संतो व धार्मिक गुरूओं को राजनतिक पचड़े में नहीं पडऩा चाहिए क्योंकि राजनीति उनका कार्यक्षेत्र नहीं है।

राजनीति यदि नेता करें तभी बेहतर है। उन्होंने प्रसिद्ध सन्त मोरारी बापू को आड़े हाथों को लेते हुए कहा कि वह धाॢमक प्रवचन करते हैं इसलिए सम्मानीय हैं लेकिन यदि वह राजनीति में आने का प्रयास करेंगे तो किसी भी अच्छा नहीं लगेगा। ज्ञात हो कि पिछले कुछ समय के दौरा देश के कई नामी गिरामी धर्मगुरूओं व अत्यात्मिक गुरूओं ने राजनीतिक बयान बाजी की जिसके बाद केन्द्र सरकार के नुमांइदों ने उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जिससे नये विवाद खड़े हो गए।

जरा सोचिए बाबा रामदेव पर तीखे वार के बाद उनके करोड़ों अनुयायियों ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया, अन्‍ना हजारे के करोड़ों समर्थक कांग्रेस को गरियाने से कभी पीछे नहीं हटते। अब जिस एलीट क्‍लास में कांग्रेस के फॉलोवर्स बचे भी हैं, उन्‍हें भी दिग्विजय खत्‍म करने के चक्‍कर में हैं। जी हां श्रीश्री पर तीखे वार करने का मतलब उनके अनुयायियों को नाराज़ करने से कम नहीं होगा। इन सबसे यह साफ जाहिर है कि अब दिग्विजय की जबान जितनी तेज़ चलेगी, मीडिया की कलम भी उतनी तेज़ चलेगी और साथ ही साथ उन सभी पांच राज्‍यों में कांग्रेस का वोटिंग मीटर भी उतनी ही तेज़ डाउन होगा, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

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