लोकायुक्त की जांच में फंसे मंत्री हों बर्खास्त : भाजपा

उन्होंने कहा कि राज्य के 12 से अधिक मंत्रियों पर भ्रष्टाचार व गंभीर आपराधिक गतिविधियों लिप्त होने के आरोप लगे हैं। कई मंत्रियों के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच लोकायुक्त कर रहे है लेकिन आरोपों के घेरे में आए मंत्रियों ने न तो इस्तीफा दिया और न ही मुख्यमंत्री ने उन्हें बर्खास्त किया। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा प्रदेश सरकार के मंत्रियों पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ताओं को धमकाया जा रहा पाठक ने कहा कि मथुरा में तेल के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस की मदद करने वाले युवक की हत्या और हत्या के मामले में एक वरिष्ठ मंत्री का नाम आना बसपा सरकार के काले कारनामों का एक ज्वलंत उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए आवश्यक है आरोपित मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए। क्योंकि अपने पद और रसूख का बेजा इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित कर रहे है। भाजपा प्रवक्ता ने बसपा सरकार के कार्यकाल में हुए घपले-घोटालों की सीबीआई जांच की भी मांग की, उनका कहना है कि लोकायुक्त सभी मामलों की जांच नहीं कर सकते, इसलिए सीबीआई को भी इसमें लगाया जाये।
लोकायुक्त के जांच में दोषी पाये जाने पर दुग्ध विकास मंत्री अवधपाल सिंह यादव, धर्माथ कार्य मंत्री राजेश त्रिपाठी, श्रम मंत्री बादशाह सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र की मायावती मंत्रिमंडल से छुट्टी कर दी गई थी जबकि ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय, अंबेडकर ग्राम विकास मंत्री रतनलाल अहिरवार, खेल मंत्री अयोध्या पाल समेत कई अन्य मंत्रियों के खिलाफ जांच चल रही है।












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