पुश्किन चंद्रा के हत्यारों की सजा बरकरार

न्यायमूर्ति बीडी अहमद और न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह की खंडपीठ ने आरोपी मोती व राजेश की अपील खारिज करते हुए कहा पेश साक्ष्यों व गवाहों के बयानों से स्पष्ट है दोनों आरोपी घटना वाली रात 13 अगस्त 2004 को पुश्किन व कुलदीप के साथ थे। इसके बाद वे एनेक्सी बिल्डिंग, आनंद लोक स्थित पुश्किन के फ्लैट में आए थे। खंडपीठ ने आरोपियों के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उन्हें फर्जी मामले में फंसाया गया है और उनके खिलाफ कोई भी प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। खंडपीठ ने कहा दो आरोपियों ने गिरफ्तारी के बाद शिनाख्त परेड में शामिल होने से इनकार कर दिया।
इतना ही नहीं उनके कब्जे से मृतक के निवास के चोरी किए गए लैपटाप, कैमरा, डीवीडी प्लेयर, मोबाइल, घड़ी इत्यादि सामान के अलावा पुश्किन के क्रेडिट कार्ड भी बरामद किए गए थे। खंडपीठ ने कहा पुश्किन के पिता के घर काम करने वाले दो गवाहों के बयानों से भी इस तथ्य की पुष्टी हुई है कि आरोपी उनके साथ थे। इसके अलावा पुश्किन व उसके साथी रात को ब्लू फिल्म देखते थे। खंडपीठ ने कहा आरोपियों के इस तर्क में कोई दम नहीं है कि उनको पुलिस ने फर्जी तरीके से फंसाया है और वे इस संबंध में कोई साक्ष्य भी पेश नहीं कर पाए।
पत्नी और ससुर के हत्यारे को उम्रकैद
पत्नी और ससुर की हत्या के दोषी को कड़कड़डूमा अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कई धाराओं के तहत 31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कड़कड़डूमा के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुरदीप सिंह ने आदेश में कहा कि दोषी कम से कम 25 साल जेल में रहेगा और रियायत मिलने की सूरत में भी यह सजा इससे कम नहीं होगी। रकम मृतका और दोषी राजकुमार के दो बच्चों को दी जाएगी।
पैंतीस वर्षीय मुजरिम राजकुमार ने भजनपुरा इलाके में पत्नी सीमा और ससुर रामचंदर की 15 अगस्त 2009 को हत्या कर दी थी। वारदात के समय सीमा अपने पिता रामचंदर के मौजपुर स्थित घर पर थी। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने चश्मदीद अशोक कुमार के बयान और शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज दर्ज किया था। कोर्ट में आरोपी के सरेंडर के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।












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