दिल्ली में प्रॉपर्टी खरीदना हुआ महंगा

नए सर्किल रेट से दिल्ली सरकार को इस वर्ष 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना जतायी जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बताया कि प्रोपर्टी के कारोबार और मांग में बढ़ोत्तरी और पंजीकरण में संपत्ति का मूल्य कम दिखाने के बढ़ते मामलों के कारण पंजीकरण के लिए दिल्ली में भूमि और सम्पत्ति का मूल्य निर्धारित करने के चलते सर्किल दर या न्यूनतम दर की अधिसूचना की जरूरत महसूस की गई।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार संपत्ति की दरों को अधिक वास्तविक और बाजार दरों के करीब लाने की इच्छुक है ताकि संपत्ति के कारोबार और हस्तांतरण में काले धन की भूमिका खत्म हो। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई सर्किल दरें हालांकि राजधानी में संपत्ति की बाजार दर और एनसीआर के दो पड़ोसी शहरों गुड़गांव और नोएडा के मौजूदा सर्किल रेट से कम रहेंगी। हालांकि, सरकार का मानना है कि जमीनों की खरीद-फरोख्त इससे भी ऊंची दर पर हो रही है।
उम्मीद है कि भविष्य में सर्किल रेट में और वृद्धि हो सकती हैं। कैबिनेट के फैसले को उपराज्यपाल के पास भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलते ही यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। ए-श्रेणी की जिस जमीन की रजिस्ट्री पर अभी तक 5,160 रुपये प्रति वर्गमीटर तक फीस देनी पड़ती है, उसके लिए 12,900 रुपये प्रति वर्गमीटर देने होंगे। सरकार ने सिर्फ नौ महीने में दोबारा यह बढ़ोतरी की है।
इसी वर्ष फरवरी में सरकार ने जमीनों के मूल्य में 100 फीसदी तक की वृद्धि की थी। हालांकि नवंबर 2010 में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना ने सरकार को सुझाव दिया था कि पॉश कॉलोनियों की जमीनों के मूल्य में तो वृद्धि हो, लेकिन एच श्रेणी की जमीनों के मूल्य में वृद्धि न हो। राजस्व मंत्री डॉ. एके वालिया ने कहा कि नए सर्किल रेट जायज हैं। उन्होंने 50 से 250 फीसदी तक की बढ़ोतरी की सिफारिश की थी। सर्किल रेट में 250 फीसदी की वृद्धि फ्रेंड्स कॉलोनी, डिफेंस कॉलोनी, गोल्फ लिंक, गुलमोहर पार्क, हौज खास जैसी पॉश कॉलोनियों में की गई है।
नया रेट
ए- 2,15,000 रुपये; बी- 1,36,400 रुपये; सी- 1,09,200 रुपये; डी- 87,200 रुपये; ई- 47,840 रुपये; एफ- 38,640 रुपये; जी- 31,510 रुपये; एच- 15,870 रुपये।












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