मैं तुलसी भाजपा के आंगन की: उमा भारती

उमा ने यह उद्गार भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के सामने बहुत ही भावुक अंदाज में व्यक्त किये। उमा ने एक पार्टी के एक कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष से कहा कि मैं तुलसी तेरे आंगन की, तेरा कुछ न ले जाऊंगी, तुझको कुछ न कुछ दे जाऊंगी। उनके इस भावुक अंदाज को कुछ भी अंदाजा लगाया जा रहा हो लेकिन यह उद्गार व्यक्त कर उन्होंने भाजपा के अन्य नेताओं को एक संदेश जरूर दे दिया है। सुश्री भारती ने अपने इस वक्तव्य से उन विरोधियों को जवाब देने का प्रयास किया जो उनकी पार्टी में वापसी को पचा नहीं पा रहे हैं।
उन्होंने पार्टी नेतृत्व को भी आगाह कर दिया कि उन्हें लेकर पार्टी नेताओं में अभी भी मतभेद हैं। हालांकि अभी तक किसी भी नेता ने खुलकर उमा भारती का विरोध नहीं किया लेकिन भीतर ही भीतर चल रही उथल पुथल को सुश्री भारती भली प्रकार महसूस कर रही हैं। गौरतलब है कि जब से भाजपा शीर्ष नेताओं ने उमा भारती को प्रदेश के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है, पार्टी के ही कई नेताओं द्वारा विरोध जारी है। अभी हाल ही में उन्हें चुनाव प्रचार के लिए भेजे जाने पर खुलकर विरोध सामने आने लगा था।
उमा ने अपने विचार को भाजपा अध्यक्ष तक व्यक्त कर दिये लेकिन उन्होंने खुलकर यह नहीं बताया कि पार्टी के किन नेताओं द्वारा उनका विरोध किया जा रहा है। बहरहाल उमा ने इस फिल्मी गीत के माध्यम से अपनी व्यथा भी जाहिर कर दी और प्रदेश के उन नेताओं को चुनाव बाद वापस चले जाने का भरोसा भी दिला दिया। उमा ने इस कदम से यह माना जा रहा है कि कि चुनाव बाद वह उत्तर प्रदेश से वापस जा सकती हैं, साथ ही उन्होंने यह भी जाहिर कर दिया कि वह यहां पार्टी को कुछ देने आयी हैं न कि पार्टी से लेने।












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