सजा से भ्रष्टाचार को नहीं रोका जा सकता: शंकराचार्य
जमशेदपुर।
द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने आज कहा कि सजा से भ्रष्टाचार को नहीं रोका जा सकता बल्कि इससे बचने के लिए लोगों के मन में नैतिकता की संस्कृति और आध्यत्मिकता जरूरी है। शंकराचार्य ने यहां संवाददाता सम्मलेन में कहा कि लोग बड़े पैमाने पर बढ़ते भ्रष्टाचार से त्रास्त हैं। id="toptextpromo">वे
इस मुद्दे को उठाने वाले किसी भी व्यक्ति के समर्थन में तुरंत खड़े हो जाएंगे और जन लोकपाल विधेयक इसका एक अन्य उदाहरण है। राष्ट्र के विकास के लिए युवाओं से कठिन परिश्रम करने और उंची सोच रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि हमें देश के संविधान और संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>विदेशी
बैंकों में जमा कालेधन को वापस लाने की बाबा रामदेव की मांग पर शंकराचार्य ने कहा कि इस विचार से गरीबी को समूल नष्ट नहीं किया जा सकता बल्कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कृषि क्षेत्र के तेज विकास की जरूरत है। शंकराचार्य ने हाल ही में हरियाणा के हिसार में हुए उप चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार को लेकर टीम अन्ना की आलोचना की।











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