छठ पर्व को लेकर नीतीश के आग्रह को शीला ने ठुकराया

आपको बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शीला को लिखे अपने पत्र में कहा था कि छठ पर्व लोक आस्था का पर्व है। चूंकि दिल्ली में लाखों की संख्या में बिहार, भुवनेश्वर, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग रहते हैं और वे 31 अक्तूबर से ही उपवास रखना शुरू कर देंगे इसलिए एक नवंबर को वहां सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया जाए जिससे पर्व को मनाने वालों और उनके परिवार के सदस्यों को सहूलियतें हो जाएं। पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह को ठुकरा दिया है। शीला ने अपने पत्र में लिखा है कि दिल्ली में छठ पर सार्वजनिक अवकाश किसी भी लिहाज से ठीक नहीं है, क्योंकि यहां पहले से ही कर्मचारियों को ऐच्छिक अवकाश मिलता रहा है। उन्होंने अपनी मजबूरी बताई है औऱ कहा है कि वह ऐसा नहीं कर सकतीं। पर दिल्ली के महापौर
प्रो. रजनी अब्बी ने कहा है कि छठ पर्व पर सार्वजनिक छुट्टी हर हाल में होगी। निगम की ओर से छठ पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा सामाजिक न्याय की अवधारणा को ध्यान में रखकर की गई है। इसके लिए दिल्ली नगर निगम अधिनियम-1957 के सेक्शन 42 डब्ल्यू ए में प्रावधान है। जिसके आधार पर नगर निगम स्थायी समिति की बैठक में छठ पर्व पर एक नवंबर को अवकाश घोषित किया गया। अब सोमवार को विशेष सदन बुलाया जाएगा, जिसमें छठ पर छुट्टी का प्रस्ताव पारित किया जाएगा।
शनिवार को सिविक सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रो. अब्बी ने कहा कि सरकार छठ पर राजनीति कर रही है और निगमायुक्त सरकार के पक्ष में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भरत-मिलाप और फूलवालों की सैर पर आधे दिन का अवकाश घोषित किया गया।












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