मीटिंग का ब्योरा देने पहुंचे केजरीवाल, भूषण और किरण

हज़ारे 16 अक्तूबर से मौन व्रत पर हैं। कल की बैठक में उन्होंने भाग नहीं लिया था। इस बैठक के बाद कोर समिति के सदस्यों ने कहा था कि समिति को भंग नहीं किया जायेगा और सदस्यों को निशाना बनाने की सरकार की कोशिशों का मुकाबला किया जायेगा। केजरीवाल, किरण और भूषण पर सिलसिलेवार तरीके से आरोप लगने के बाद तीनों की हज़ारे के साथ यह पहली बैठक होगी।
केजरीवाल पर लोकपाल आंदोलन के लिये मिली दानराशि को खुद के ट्रस्ट में जमा कराने और किरण बेदी पर यात्रा का अधिक खर्च आयोजकों से वसूलने का आरोप है। भूषण पर कश्मीर संबंधी उनके एक बयान के चलते पिछले दिनों एक संगठन के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया था। हज़ारे ने खुद सार्वजनिक रूप से भूषण के विचारों की निंदा की थी। बहरहाल, हज़ारे ने किरण और केजरीवाल के समर्थन में कहा है कि इन आरोपों के पीछे सत्तारूढ़ कांग्रेस की चौकड़ी का हाथ है।












Click it and Unblock the Notifications