सरकार और जनगणना विभाग जायेगा अदालत

निर्वाचन आयोग जहां अगले माह 2011 की जनगणना के आधार पर चुनाव कराने पर राजी है वहीं जनगणना विभाग ने डेढ़ साल के पहले वार्ड के आधार 2011 की जनगणना की सूची जारी करने में असमर्थता जाहिर की है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने भी 2011 की जनगणना के आधार अगले महीने शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव कराने के निर्देश दिये थे और कहा था कि इसकी अधिसूचना आगामी 31 अक्टूबर तक जारी हो जानी चाहिये।
जनगणना विभाग ने राज्य सरकार को जानकारी दी है कि आगामी 31 अक्टूबर तक सूची देने के आदेश को लेकर पुनरीक्षण याचिका दायर की जायेगी। केन्द्र सरकार के जनगणना महानिदेशक सह आयुक्त सी. चन्द्रमौलि ने राज्य जनगणना निदेशक नीना शर्मा से कहा है कि वह राज्य सरकार को इस बात की जानकारी दे कि विभाग इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार 31 अक्टूबर तक वार्ड के आधार जनगणना सूची देने में असमर्थ है।
चन्द्रमौलि ने अपने पत्र में कहा है कि विभाग वार्ड के आधार पर सूची बना रहा है और इसमें काफी समय लगता है। विभाग अभी इस स्थिति में नहीं है कि 31 मार्च 2013 के पहले सूची जारी कर सके। निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक जनगणना विभाग ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर सूची जारी करने में अपनी असमर्थता जता दी है लिहाजा अब राज्य सरकार इलाहाबाद उच्च न्यायालय को अपने आदेश पर फिर से विचार करने का आग्रह करेगी और इसके लिये पुनरीक्षण याचिका दायर करेगी।
वहीं राज्य निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यदि जनगणना विभाग वार्ड के आधार पर सूची उपलब्ध करा दे तो आयोग चुनाव कराने में समर्थ है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग को 2011 की जनगणना के आधार पर आगामी 31 अक्तूबर तक शहरी स्थानीय निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिये थे। शहरी स्थानीय निकाय का वर्तमान कार्यकाल नव बर के मध्य तक खत्म हो रहा है।












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