लखवी जेल से ही सम्भाल रहा लश्कर की कमान

सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि लखवी और लश्कर के बीच फोन से संपर्क बनाने की इस प्रक्रिया में अमेरिका समेत कई खुफिया एजेंसियों ने सेंध लगाई है। इस अभियान से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि गुपचुप तरीके से यह संपर्क कई महीनों से चला आ रहा है। दो विभिन्न देशों के दो अधिकारियों ने पीटीआई को बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने अपने पाकिस्तानी समकक्षों को इस बारे में जानकारी देते हुए इस प्रक्रिया को बंद करने के लिए कहा पर अदियाला जेल के किसी अधिकारी या किसी दूसरे अधिकारी ने भी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
एक अधिकारी ने कहा कि इससे पता चलता है कि लखवी भले ही पिछले दो साल से जेल में है पर लश्कर के मामलों में अहम बना हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों के पास पूरे पाकिस्तान में किसी भी संपर्क पर नजर रखने और इसमें बीच में सेंध लगाने की दक्षता है।लखवी वर्तमान में मुंबई हमलों की साजिश रखने के आरोप में छह अन्य संदिग्धों के साथ अदियाला जेल में कैद है। इस साल की शुरूआत में लाहौर में दो लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सीआईए के अनुबंधकर्ता रेमंड डेविस भी लश्कर और उसके मुखौटे गुट जमात-उद-दावा पर नजर रखने के इस अभियान में शामिल थे। इन सातों पाकिस्तानी संदिग्धों पर रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधक अदालत में मुकदमा चला रहा है लेकिन यह मुकदमा कई तकनीकी कारणों से पिछले एक साल से एक तरह से बिल्कुल रुका हुआ है।












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