दीवाली के बाद दिल्ली में बढ़ेंगे बिजली के दाम

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा ऐसे में केंद्र सरकार की तरफ से बिजली दरों को रेगुलर बेसिस पर मूल्यांकित करने की बात से मजबूती मिली
है। सरकार पर भार कम करने के लिए हो सकता है बिजली के दाम बढ़ें या यूं कहें कि निश्चित रूप से बढ़ने चाहिए। दीक्षित ने कहा कि केंद्र भी
वास्तविकता को स्वीकार कर चुका है। कोई भी सरकार आम लोगों का बोझ नहीं बढ़ाना चाहेगी लेकिन हमें हालात को बताना होगा। लोगों को यह समझना होगा कि बिजली की लागत बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली में बिजली के दाम बढ़े थे तब जो बात सरकार कह रही थी, वहीं बात अब नेशनल डेवलपमेंट काउंसिल की बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रणब मुखर्जी और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कही है। दिल्ली में अभी भी वितरण कंपनियां घाटे की बात कह रही हैं। ऐसे में बिजली के दाम बढ़ाए जाने से खाते के बड़े अंतर को पाटा जा सकता है। बिजली उत्पादन की लागत दिनोंदिन बढ़ रही है। बवाना प्लांट शुरू हुआ है, वहां उत्पादन लागत 5-6 रुपये प्रति यूनिट आ रही है, जबकि दरें अभी कम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में 200 यूनिट मासिक खपत पर अभी भी सब्सिडी दी जाती है।
नागरिक कम बिजली की खपत करें और अधिक बिल भुगतान से बचें। उल्लेखनीय है कि बिजली की दर बढ़ाने का अंतिम फैसला डीईआरसी करती है। डीईआरसी अध्यक्ष ने भी पिछले दिनों बिजली दर बढ़ाते समय संकेत दिए थे कि आगामी तीन महीने में बिजली दरों का मूल्यांकन फिर से किया जा सकता है। यहां बता दें पिछले महीने ही दिल्ली में बिजली के दाम 22 प्रतिशत बढ़े हैं। लेकिन सरकार एक बार फिर बिजली महंगी करने की तैयारी कर चुकी है। अब जल्द ही इसकी घोषणा हो सकती है।












Click it and Unblock the Notifications