लखनऊ के यूनानी मेडिकल कालेज की मान्यता समाप्त

राजकीय तकमील उल-तिब कॉलेज एवं चिकित्सालय में बीयूएमएस की 40 सीटें हैं। कॉलेज में डेढ़ सौ छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। कॉलेज मानकों को पूरा न करने की वजह से आयुष विभाग ने कॉलेज की मान्यता अस्थाई तौर पर समाप्त कर दी है। मान्यता समाप्ति की जानकारी होने पर छात्रों में कॉलेज प्रशासन के प्रति आक्रोष दिखाते हुए प्रधानाचार्य व अन्य अधिकारियों के समक्ष विरोध जताया।
ज्ञात हो कि सेट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन कॉलेजों के मानकों का तय करती हैं लेकिन कालेज द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा था। इसे लेकर अप्रैल माह में टीम ने कॉलेज का निरीक्षण करके रिपोर्ट आयुष विभाग को दी थी। कॉलेज की खामियों को उजागर करते हुए टीम अधिकारियों ने उन्हें दूर करने के निर्देश दिए। बावजूद इसके अधिकारियों ने उस पर कोई तवज्जो नहीं दी।
गौरतलब है कि टीम ने छात्र-छत्राओं के अलग-अलग हास्टल व सौ बेड का चिकित्सालय सहित चालीस प्रतिशत मरीजों की भर्ती होने सहित कई अन्य बिदुओं पर आपत्ति लगाई थी। टीम ने कॉलेज में शिक्षकों की पदों में कमी भी बताई थी। तय समय पूरा होने के बाद आयुष विभाग ने दोबारा निरीक्षण कराया तो पता चला कि फर्जी नाम पतों पर मरीजों की भर्ती की गई। टीम के सदस्यों ने मरीजों की बीएसटी व डिस्चार्ज स्लिप व दवाओं की सूची का पर्चा तलब किया तो हकीकत सामने आ गयी।
जांच में दोषी पाए जाने पर आयुष विभाग ने कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया। कॉलेज के प्रधानाचार्य डा. मोहम्द सिकदर हयात सिद्दीकी ने बताया कि कॉलेज की मान्यता अस्थाई तौर पर समाप्त हुई है। उनका कहना है कि टीम ने ओपीडी व भर्ती मरीजों को ब्यौरा मांगा था जो त्रुटिवश गलत हो गया था। उनका कहना है कि टीम ने कुछ बिदुओं पर आपत्ति लगाई है उसको जल्द से जल्द दूर कर लिया जाएगा।












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