आर के शर्मा तो हुए बरी लेकिन शिवानी को मारा किसने?

R K Sharma
नई दिल्ली। बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने एक विचित्र फैसला सुनाया और पत्रकार शिवानी भटनागर हत्याकांड मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरके शर्मा को सबूतों का अभाव में बरी कर दिया। जहां सरकारी वकील ने इस फैसले को विचित्र ठहराया वहीं एक यक्ष प्रश्व सबके दिमाग में घूम रहा है कि अगर शर्मा ने शिवानी को नहीं मारा तो शिवानी की हत्या किसने की।

आखिर किसने कलम के सेविका को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। फैसले के बाद सरकारी वकील ने कहा कि इस फैसले को मैं सिवाय विचित्र के और कुछ नहीं कह सकता जिसमें दो अभियुक्तों को तो हत्या करने के लिए दोषी पाया गया और उन दोनों को हत्या के लिए भेजने वाले को बरी कर दिया गया। लेकिन अगर शिवानी को शर्मा ने नहीं मारा तो आखिर मारा किसने ? शिवानी की हत्या आखिर हुई क्यों? और शिवानी ऐसा कौन सा राज जानती थी जिसकी वजह से उसका कत्ल हुआ? आईये आपको बताते हैं कि कौन थी शिवानी और वो आर के शर्मा के संपर्क में कैसे आयी।

कौन थी शिवानी भटनागर

दिल्ली के मशहूर अखबार 'इंडियन एक्सप्रेस' में पॉलिटिकल बीट देखने वाली शिवानी काफी तेज-तर्रार महिला के रूप में जाना जाता था। पिछले नौ साल से ये केस चल रहा है और जो साक्ष्य प्रस्तुत किये गये है उसके मुताबिक शिवानी भटनागर पूर्व आईपीएस आर के शर्मा से तब मिली जब देश के प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल थे। आर के शर्मा प्रधानमंत्री इंद्रकुमार गुजराल के कार्यालय में विशेषाधिकारी थे। पहली मुलाकात तो शिवानी और शर्मा के बीच में औपचारिक थी लेकिन बाद में ये मुलाकात व्यक्तिगत होने लगी।

शर्मा और शिवानी के बीच में प्रेम संबंध बन गये। जिसके बाद शर्मा ने शिवानी को राजनीति पहलू से जुड़े हुए कुछ गोपनीय दस्तावेज दिखाये जिसके बारे में अगर खुलासा होता तो राजनीति के कई कड़वे सच सामने आ सकते थे। शिवानी ने शर्मा से शादी करने की जिद की लेकिन शर्मा ने शादी से इंकार कर दिया। जब शिवानी ने कहा कि वो उनके राज को सबके सामने लाकर उनका भंडा-फोड़ कर देगी।

जिसके बाद शिवानी की हत्या कर दी गयी। लोअर कोर्ट ने आर के शर्मा को शिवानी की हत्या करवाने का दोषी पाया गया था लेकिन बुधवार को हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया। आपको बता दें कि शिवानी पहले से ही शादी-शुदा थी लेकिन उसका पारिवारिक जीवन सुखी नहीं था। वो अपने बेटे के साथ दिल्ली के परपड़गंज के एक अपार्टमेंट में अकेले रहती थी। जहां उसकी गले दबाकर हत्या कर दी गई और घरेलू चाकू से उसके शरीर में दस वार किये गये थे।

लोअर कोर्ट का फैसला

लोअर कोर्ट ने आर के शर्मा के को दोषी करार दिया था और आजवीन कारावास की सजा सुनायी थी। वो तिहाड़ जेल में बंद थे। लेकिन शर्मा के कोर्ट के विरूद्ध हाईकोर्ट में अपील की। वो पिछले नौ सालों से तिहाड़ जेल में बंद थे।

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