पोलियो सुरक्षा चक्र में लगी सेंध

उन्होंने बताया कि बच्ची कभी बीमार भी नहीं हुई है। रमनदीप ने बताया कि बच्ची को पोलियो की सभी खुराक पिलाई गई है। फिर भी पोलियो के लक्षण नजर आ रहे हैं। इससे पूर्व रोहणा वाली पर कार्यरत मजदूर स्वराज की छह वर्षीय बेटी रेशमा को दो सितंबर को पोलियो की आशंका के चलते अस्पताल लाया गया था। रेश्मा के खून व दूसरे सैंपल लिए गए है और उन्हें भी लैब में भेजा गया है।
इसके अलावा वार्ड नंबर 17 निवासी मुकेश की पुत्री याशिका को भी परिजन आठ अक्टूबर को पोलियो आशंकित मान कर पोलियो की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचे। सरकारी अस्पताल के एसएमओ डा. विजय जैन ने कहा है कि तीन बच्चों में लक्षण पाए गए हैं।












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