आडवाणी की रथ यात्रा का रुटमैप

11 अक्टूबर को सिताब दियारा छपरा (बिहार) से यह जनचेतना रथ रवाना होगा। शाम को राजधानी पटना पहुंचेगा। पटना से रथ निकलकर रथ भोपाल (मध्यप्रदेश) जाएगा। इस दौरान वह वाराणसी (उत्तरप्रदेश) में भी रुकेगा। रथ भोपाल में 16 अक्टूबर को पहुंचेगा।
फिर 16 अक्टूबर को ही यह यात्रा छिंदवाड़ा से शुरू होगी। यात्रा 19 अक्टूबर को हैदराबाद (आंध्रप्रदेश) जाकर खत्म होगी। 20 अक्टूबर को कोलकाता (पं बंगाल), ईटानगर और गुवाहाटी (असम) में यात्रा हवाई मार्ग से होगी और यहां आडवाणी अपने लाव लश्कर के साथ पहुंचेंगे और सभा को संबोधित करेंगे। आडवाणी पोर्ट ब्लेयर 21 अक्टूबर को पहुंचेंगे। उसी दिन 21 अक्टूबर को ही यात्रा झारखंड की राजधानी रांची पहुंचेगी। फिर 22 अक्टूबर को यात्रा छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से शुरू होगी और यह उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में 24 अक्टूबर को खत्म होगी।
फिर पूरी टीम 27 अक्टूबर को दक्षिण राज्य के एक शहर मदुरै (तमिलनाडु) पहुंचेगी और 27 को वहां से यात्रा शुरू होगी। और तिरुअनंतपुरम (केरल) होते हुए 29 अक्टूबर को रथ एरनाकुलम पहुंचेगा। 30 अक्टूबर को बेंगलूर (कर्नाटक) में आडवाणी पहुंचेंगे। 31 अक्टूबर को यह रथ एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगाने के लिए निकल पड़ेगा। 31 अक्टूबर को यात्रा मेंगलूरु से शुरू होगी। मेंगलूरु से यह पणजी, फिर मुंबई (महाराष्ट्र) और उसके बाद 7 नवंबर को अहमदाबाद (गुजरात) पहुंचेगा। पुनः 9 नवंबर को यात्रा आरंभ होगी जोधपुर (राजस्थान) से। जोधपुर से यह जयपुर, चंड़ीगढ़ होते हुए पठान कोट जाएगी।
पठानकोट (पंजाब) यह यात्रा 15 नवंबर को पहुंचेगी। 16 नवंबर को जम्मू (जम्मू-कश्मीर)में जनसभा होगी। हिमाचल के मंडी में भी उसी दिन आडवाणी पहुंचेंगे। पुनः 16 नवंबर को ही गग्गल से यह यात्रा आरंभ होगी देहरादून (उत्तराखंड), हल्द्वानी होते हुए 20 नवंबर को दिल्ली में आकर खत्म होगी। यहां पर जोरदार रैली होगी जिसमें रथयात्रा के अनुभवों को विस्तार से बांटा जाएगा।
हवाई मार्ग से भी जायेगा आडवाणी का रथ
आडवाणी की जनचेतना रथ यात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ हो रही यह यात्रा 38 दिन तक चलेगी और 23 राज्यों व चार केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी। आडवाणी इस दौरान जमीन ही नहीं हवाई रूट से भी करीब 76000 किलोमीटर की यात्रा तय करेंगे।
रथ ईस्ट-वेस्ट बंगाल और नार्थ ईस्ट में नहीं जाएगा। आडवाणी हवाई जहाज से इटानगर गुवाहाटी, कोलकाता और पोर्ट ब्लेयर जाएंगे। आडवाणी का राम रथ यात्रा की कामयाबी के केंद्र में रहे अयोध्या और सोमनाथ इस बार आडवाणी के रूट में शामिल नहीं किए गए हैं।












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