आरएसएस को तलाश युवा प्रचारकों की

प्रदेश में अपने घटते प्रभाव से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काफी ङ्क्षचतित हैं। उन्हें अब ऐसा लगने लगा है कि प्रदेश में अपनी पकड़ बनाने के लिए वरिष्ठi नेताओं को राज्य में समय देना होगा इसके लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत का प्रदेश में 11 दिनों तक प्रवास करेंगे कहा जा रहा है कि उनका राज्य में यह सबसे लंबा प्रवास होगा। इतना ही नहीं वह आगामी 14 अक्टूबर से गोरखपुर में होने वाली राष्ट्रीय कार्यसमिति के शुरू होने चार दिन पहले ही गोरखपुर पहुंच जायेंगे।
इस दौरान वह कार्यसमिति से पहले ही प्रदेश के छहों क्षेत्रों की बैठकों में हिस्सा लेंगें। इसके अलावा 16 अक्टूबर को तीन दिवसीय कार्यसमिति के समापन के बाद भी वह तीन दिन तक प्रदेश में ही प्रवास करेंगें। राष्ट्रीय कार्यसमिति से पहले और बाद में संघ प्रमुख मोहन भागवत के उत्तर प्रदेश में इतने लंबे प्रवास को काफी अहम माना जा रहा है।
माना जा रहा है कि संघ एक बार फिर प्रदेश में अपना आधार बढ़ाने की कोशिश में लगा हुआ है।पिछले दिनों प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए तीन दिन के शिविर में भी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इंटर व स्नातक स्तर के करीब डेढ़ हजार युवा प्रचारकों को संबोधित किया था। लखनऊ के तीन दिवसीय शिविर में भी युवा प्रचारकों की कमी की बात सामने आई थी। राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में उसके देश और विदेश में काम कर रहे सभी संगठनों के साथ साथ करीब 400 संघ कार्यकर्ताओं के जुटने का अनुमान है।












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