डेरा प्रमुख ने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया

इस बात की पुष्टि उस द्वारा दिनांक 5/6 अगस्त 2011 को उपायुक्त पंचकुला को लिखी चिठ्ठी से साफ होती है, जिसमें उसने स्पष्ट लिखा है कि डेरा प्रमुख के कुछ दुश्मनों द्वारा मेरे उपर दबाब बनाया जा रहा है कि मैं डेरा प्रमुख पर मीडिया के सामने झूठे आरोप लगाऊं और डेरा सच्चा सौदा को बदनाम करूं। इसके लिए वो लोग मेरा अपहरण भी कर सकते है और मेरी जान को भी उनसे खतरा है।
इसलिए उनसे मुझे बचाया जाए और मुझे सुरक्षा दी जाए। इस पत्र से स्पष्ट है कि विश्वास गुप्ता उनके चंगुल में फंस चुका है और असामाजिक तत्वों के हाथों का खिलौना बन चुका है। इससे पहले भी गोबिंद नाम के व्यक्ति को भी 30 लाख रुपए का लालच देकर मीडिया में गुरूजी के विरूद्ध झूठे आरोप लगाए गए थे। जिसका खुलासा थोडे समय पहले ही सीबीआई जांच में हो चुका है।
डेरा सच्चा सौदा की साधसंगत विरोधियों के इन मंसूबों को अच्छी तरह जानती है जब भी कहीं पर कोई चुनाव आता है तो राजनीति में घुसे असामाजिक तत्वअपने स्वार्थ हेतू डेरा सच्चा सौदा को बदनाम करने के लिए कोई न कोई हथकंडा अपनाते ही रहते है। यह घटनाक्रम भी इसी कड़ी का एक हिस्सा है। लेकिन डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत गुरू जी की पावन प्रेरणा से सच के मार्ग पर व मानवता भलाई कार्यो से कभी भी पीछे नही हटेगीं।












Click it and Unblock the Notifications