दिल्ली: फेसबुक से शुरू हुआ ठगी का सफर

मूलत: मिर्जापुर (यूपी) निवासी अख्तर के पास से पुलिस को कई बैंक के चेक बुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, पासपोर्ट, दो बैग बैंक स्टेटमेंट और निवेशकों के चार्ट मिले हैं। पुलिस के मुताबिक इसने एक वेबसाइट बनाई। जिस पर फर्जी कंपनियां को दिखाकर उसमें निवेश करवाकर ठगी को अंजाम दिया। अख्तर के खिलाफ निजामुद्दीन थाने में लोगों ने शिकायत की कि उसने 'अंजक ओवरसीज" नामक वेबसाइट बनाई। जिसमें फर्जी कंपनियां को दर्शाया, जो अस्तित्व में नहीं है और उसमें निवेश करने के नाम पर लोगों से ठगी की है।
वेबसाइट पर उसने तीस साल से ब्रिटिश कोलंबिया में बिजनेस करने की बात लिखी है। कंपनियों में फाइनेंस इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, अंजक ग्रुप ऑफ होटल, आयरन माइंस सहित अन्य कंपनियां शामिल हैं। इसके वह लोगों को रुपये लगाने की बात कहता। पुलिस ने पाया कि वेबसाइट पर दर्ज कंपनियों ने आज तक कोई बिजनेस नहीं किया है। पुलिस के मुताबिक अब तक उसके खिलाफ साढ़े चार सौ से ज्यादा शिकायत मिल चुकी है। पुलिस को पता चला कि वह सोशल नेटवर्क साइट फेसबुक से संपर्क बनाता था। उसने देशभर से करीब चार हजार लोगों से ठगी की है। एक अनुमान के मुताबिक उसने अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। लोगों को फंसाने के लिए वह बड़े बड़े होटलों में पार्टी देता था।
लोगों के रुपये वापस मांगने पर वह कार्यालय शिफ्ट कर देता था। उसने यह काला कारोबार इशरार अहमद के साथ सावित्री सदन प्रीत विहार से शुरू किया था। इसके बाद आजादपुर के लूसा कांप्लेक्स में आ गया और अभी उसने अपना कार्यालय सेक्टर-तीन नोएडा में खोल रखा है। अख्तर 1996 में मुंबई के पते पर कारपेट एक्सपोर्ट करने की कंपनी खोली, लेकिन व्यवसाय में घाटा होने पर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। उसने अंजक ओवरसीज नाम की कंपनी खोली थी और इसी कंपनी की आड़ में उसने वेबसाइट बनाकर ठगी करने लगा।












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