सपा, बसपा की बपौती नहीं रहे मुस्लिम: भाजपा

पार्टी उपाध्यक्ष शहनवाज हुसैन ने अपने सम्बोधन में कहा कि अल्पसंख्यक वोटों के सौदागरों ने लोगों की आखों पर चश्मा पहना दिया है। सच्चर कमेटी की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जैसे दलों ने मुसलमानों के लिए क्या किया। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों ही अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों के वोट के लिए बेताब हैं। यही पार्टियां मुस्लिमों को केवल भाजपा का भय दिखाते हैं। हुसैन ने कहा कि केवल रोजा इफ्तार करने वाली पार्टियां ही धर्मनिरपेक्ष नहीं होतीं।
उन्होंने कहा कि मायावती की भी नजरें मुसलमानों के वोट पर है। मायावती साढ़े चार वर्ष बीत जाने के बाद अब प्रधानमंत्री को मुसलमानों के आरक्षण के लिए पत्र लिख रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दंगे के नाम पर केवल गुजरात याद आता है, देश के अन्य क्षेत्रों में हुए दंगे नहीं याद आते। प्रदेश चुनाव अभियान समिति के संयोजक कलराज मिश्र ने कहा कि भाजपा मुसलमानों के खिलाफ कभी नहीं रही, पार्टी मुस्लिमों की तरक्की चाहती हैं। मिश्र ने कहा कि बाकी पार्टियां मुसलमानों को गुमराह कर उसका वोट लेना चाहती है।
पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष लोग मुसलमानों को वोट बैंक समझ बैठे हैं। नकवी ने कहा कि करीब साढे चार वर्ष से मायावती का उत्तर प्रदेश में शासन है इस बीच मुसलमानों के विकास के लिए कुछ नहीं किया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण का पैसा बसपा कल्याण में चला जाता है। कांग्रेस बसपा और सपा मुसलमानों के सामने भाजपा का हव्वा खड़ा कर मुसलमानों का वोट लेते रहते हैं।












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