लोकायुक्त जांच में नपे माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र

जांच कर रहे न्यायमूर्ति एन के मेहरोत्रा ने बताया कि श्री मिश्र के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, विधायक निधि का दुरूपयोग करने, राज्य से बाहर संपत्ति अर्जित करने, रिश्वत लेकर नौकरी देने और सरकारी जमीन पर कब्जा करने की शिकायत आयी थी। जांच में श्री मिश्र सरकारी जमीन पर कब्जा करने विधायक निधि के दुरूपयोग करने और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में दोषी पाये गये हैं।
यहीं नहीं न्यायमूर्ति के पास उत्तर प्रदेश से बाहर भी श्री मिश्र की संपत्ति का ब्यौरा मिला है। बहरहाल लोकायुक्त राज्य के बाहर की जांच नहीं कर सकते इसलिए अब इस मामले की जांच उन्होंने सीबीआई से कराने की भी सिफारिश की है। माध्यमिक शिक्षा मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाये जाने की सिफारिश के साथ पूरी रिपोर्ट मु यमंत्री मायावती के पास सोमवार देर शाम भेज दी गयी है।
सिफारिश में कहा गया है कि मंत्री रहते हुए श्री मिश्र आगे की जांच प्रभावित कर सकते हैं इसलिए इन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। न्यायमूर्ति एन के मेहरोत्रा ने कहा कि इसके साथ ही इनके खिलाफ सीबीआई या सतर्कता विभाग से भी जांच कराने की सिफारिश की गयी है। एक महीने के अन्दर की गयी कार्रवाई से उन्हें भी अवगत कराने के लिए कहा गया है।
इससे पहले बसपा के कई और मंत्री भी लोकायुक्त के घेरे में आ चुके हैं। धमार्थ कार्य मंत्री राजेश त्रिपाठी और दुग्ध विकास मंत्री अवधपाल ङ्क्षसह यादव को लोकायुक्त की जांच में दोषी पाये जाने पर मंत्रिमंडल से हटाया जा चुका है। वहीं श्रम मंत्री बादशाह सिंह सहित चार मंत्रियों के खिलाफ भी लोकायुक्त की जांच चल रही है।












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