आतंकवाद, नक्सलियों से लड़ेंगे सीआरपीएफ के जवान

इन युवा अधिकारियों को सेना की विभिन्न इकाइयों में अत्याधुनिक प्रशिक्षण दिए जाने के लिए संबद्ध किया गया है। सीआरपीएफ के करीब 76 हजार कर्मी नक्सल विरोधी अभियान में शामिल हैं। बल को पिछले साल छह अप्रैल को दंतेवाड़ा की घटना से बड़ा झटका लगा है। इसके बाद माओवादी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए बल को सुसज्जित करने पर जोर देते हुए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि बल के अधिकारी तीन महीने तक सेना के साथ रहेंगे और इस दौरान नेतृत्व और कमांडरिंग गुण की बारीकियों पर भी गौर किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में सीआरपीएफ के महिला अधिकारियों को शामिल नहीं किया गया है। ऐसा कदम देश की सुरक्षा देखते हुए उठाया गया है। लेकिन लोगो को ऐसा लगता है कि जो कदम सरकार ने अभी उठाया है वे कदम सरकार को पहले ही उठा लेना चाहिए था जिससे दंतेवाडा जैसी घटनाए घटित नही होती जिससे हमको बाद मे अफसोस नहीं होता।












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