यूपी में ट्रेन ड्राइवर की मौत के बाद हंगामा

Ruckus after the death of Train Driver in Uttar Pradesh
लखनऊ। किसान एक्सप्रेस के ड्राइवर की बीमारी के चलते मौत हो गयी। ऑन डयूटी ड्राइवर की मौत के बाद रेल कर्मियों ने जमकर हंगामा किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि यदि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाते तो ड्राइवर ओम प्रकाश की जान बच जाती। उधर मृतक के पुत्र ने चार रेल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा कार्यवाही की मांग कर दी।

किसान एक्सप्रेस यानि फिरोजपुर से धनबाद जा रही गंगा सतलज एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब चार घंटे विलम्ब से चल रही थी। करीब 11 बजे मुरादाबाद पहुंचने पर पथ निरीक्षण करने के लिए चार अधिकारी ट्रेन में सवार हुए जिसमें अपर रेल महाप्रबंधक ए के सिंघल, मंडलीय मैकेनिकल इंजीनियर संजय चौहान और लोको इंस्पेक्टर एस एस दास शामिल थे। रास्ते में रामपुर स्टेशन के निकट ट्रेन ड्राइवर ओम प्रकाश की तबियत अचानक खराब हो गयी। ओम प्रकाश की हालत को देखते हुए दास ने खुद ट्रेन चलाने की जिम्मेदारी संभाल ली।

सिंघल ने बरेली जंक्शन के स्टेशन मास्टर को ड्राइवर की खराब तबियत की जानकारी देते हुए ट्रेन के बरेली पहुंचने पर डाक्टर उपलब्ध रखने के निर्देश दिये। ट्रेन के बरेली पहुंचने पर ड्राइवर ओमप्रकाश को स्टेशन पर मौजूद चिकित्सा दल के सुपुर्द करके अधिकारी ट्रेन के साथ निरीक्षण के लिए आगे बढ़ गए। बरेली में रेलवे के डाक्टर वेद प्रकाश तैनात हैं लेकिन ड्राइवर के बीमारी की खबर सुनकर वह स्टेशन नहीं आए जबकि स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भेज दी गयी थी। स्वास्थ्य कर्मी अभी उसे चिकित्सालय पहुंचा पाते इससे पहले ही ड्राइवर ओम प्रकाश की मृत्यु हो गयी।

ड्राइवर की मौत की खबर मिलते ही भारी संख्या में रेल कर्मी स्टेशन व रेलवे चिकित्सालय में एकत्र होने लगे। रेल कर्मियों का कहना था कि निरीक्षण के लिए जाने के बजाय अधिकारियों को बीमार कर्मचारी की ओर ध्यान देना चाहिए था और सूचना मिलने पर डा. वेदप्रकाश को स्टेशन पहुंचना चाहिए था। ऐसा नहीं किया गया जिससे ड्राइवर की मौत हो गयी। गुस्साए कर्मचारियों ने काफी देर तक स्टेशन पर हंगामा किया जिससे सभी कार्य प्रभावित हुए। यात्रियों को टिकट मिलना मुश्किल हो गया तो कर्मचारियों का सरकारी कार्य करना।

कुछ देर बाद मुरादाबाद से ड्राइवर ओमप्रकाश के परिजन भी बरेली पहुंच गये। ड्राइवर के पुत्र अनिल ने अपने पिता की मौत को विभागीय लापरवाही का नतीजा बताते हुए कहा कि यदि समय रहते उन्हें इलाज मिल जाता तो शायद उसके पिता की जान बच जाती। अनिल की ओर से देर शाम बरेली जंक्शन के आरपीएफ थाने में डा. वेदप्रकाश, अपर रेल महाप्रबंधक ए के ङ्क्षसघल, मंडलीय मैकेनिकल इंजीनियर संजय चौहान और लोको इंस्पेक्टर एस. एस. दास समेत चार अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी गई। ड्राइवर के पुत्र की तहरीर के आधार पर चारों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

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