प्रधानमंत्री के नाम माया का खत-राष्ट्रीय राजमार्गों की दशा खराब

केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वर्ष 2010-11 की वार्षिक योजना के तहत मिलने वाली धनराशि नौ सौ करोड़ रुपये के सापेक्ष मात्र 50.50 करोड़ रुपये ही अवमुक्त किए गये। पत्र में मायावती ने कहा कि राजमार्गों के लिए खर्च होने वाली धनराशि का प्रस्ताव पूर्व में ही भेजा चुका है लेकिन अभी तक पैसा नहीं दिया गया जिससे बारिश की वजह से राजमार्गों की हालत खस्ता हो गयी है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अपरिहार्य मरम्मत के लिए 30 करोड़ रुपये अतिरिक्त किए जाने की मांग की गयी थी परन्तु धनराशि नहीं मिल सकी जिससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि डीवीडी देखने से यह स्पष्ट हो जायेगा कि इन राजमार्गों की स्थिति कितनी दयनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि मरम्मत मद में अपेक्षित धनराशि शीघ्र
स्वीकृत की जाय ताकि मरम्मत एवं सुधार कार्य कराया जा सके और लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि राजमार्गों के सुधार एवं मरम्मत के लिए अपेक्षित वित्तीय स्वीकृति जारी करने के लिए केन्द्र के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देशित किया जाय। सुश्री मायावती ने कहा कि राष्ट्रीय मार्गों के लगातार खराब होती स्थिति का हवाला देते हुए गत 26 अगस्त को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव को एक पत्र भेजा गया था लेकिन न तो इनकी वार्षिक योजना अनुमोदित की गयी और न ही अपेक्षित वित्तीय स्वीकृतियां ही जारी की गयीं। ज्ञात हो कि इससे पूर्व मायावती मुस्लिम आरक्षण, गरीब सवर्ण आरक्षण व जाट आरक्षण के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिख चुकी हैं। मायावती के इन पत्रों पर विपक्षियों का कहना है कि मायावती को जनता की फिक्र चुनाव के समय हो रही है इससे पूर्व उन्होंने जनता की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं था।












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